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    अंतरिक्ष में यात्रा करने वाली इस बिल्‍ली की याद में लगेगी कांस्‍य की मूर्ति

    Published: Mon, 13 Nov 2017 04:34 PM (IST) | Updated: Tue, 14 Nov 2017 09:45 AM (IST)
    By: Editorial Team
    felicette 13 11 2017

    लंदन। अंतरिक्ष में यात्रा करने वाली विश्‍व की पहली बिल्‍ली फैलिकेट की कांस्‍य की प्रतिमा जल्‍द ही फ्रांस में नज़र आएगी।

    इस बिल्‍ली की यात्रा की यादों को सहेजने के लिए एक फंड अभियान चलाया गया। 18 अक्‍टूबर 1963 को फैलिकेट को एक रॉकेट में बैठाकर अंतरिक्ष में भेजा गया था।

    यह रॉकेट पृथ्‍वी से 157 किलोमीटर की ऊंचाई तक गया था। यहां बिल्‍ली को भारहीनता का अनुभव कराया गया।

    15 मिनट बाद उसे सुरक्षित तरीके से स्‍पेस कैप्‍सूल की मदद से वापस धरती पर लाया गया। नीचे आने पर वह सही सलामत थी।

    इसके बाद उसी दशक में क्रमवार रूप से बंदर, चिंपाजी, कुत्‍ता आद‍ि जानवरों को भी स्‍पेस में भेजा गया। फंड जुटाने वाली वेबसाइट के क्रिएटिव डायरेक्‍टर मैथ्‍यू सर्ज ने बताया कि छह महीने पहले हमें इस बिल्‍ली की अंतरिक्ष यात्रा की पचासवीं सालगिरह के बारे में पता चला।

    हालांकि जिस माध्‍यम से यह पता चला उसमें बिल्‍ली के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। फिर इसके बारे में गूगल पर जानकारी जुटाई गई और हमें पूरी कहानी के बारे में पता चला।

    यही समय है कि अब हम कुछ अच्‍छा और बड़ा करें ताकि फैलीकेट को सच्‍ची श्रद्धांजलि दी जा सके। स्‍पेसयान के शुरुआती दिनों में अक्‍सर प्रयोग के लिए जानवरों को भेजा जाता था ताक‍ि ग्रेविटी के प्रभावों को जाना जा सके।

    फैलीकैट का चयन 14 बिल्लियों के बाद किया गया था। इसके लिए उसे ट्रेनिंग भी दी गई थी। इस मिशन के लिए सभी बिल्लियों को कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ा था।

    आखिरकार फैलीकेट ने अपना जीवन इस मिशन में दे दिया। उसकी यादों को संजोने के लिए अब उसकी प्रतिमा लगाई जाने वाली है। इसके लिए अभी तक 24 हजार पाउंड की धनराशि जुटा ली गई है।

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