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    टैटू बनवाने के बाद अंदर से खोखला हो जाता है शरीर

    Published: Wed, 13 Sep 2017 01:39 PM (IST) | Updated: Mon, 18 Sep 2017 01:09 PM (IST)
    By: Editorial Team
    tatoo inking 13 09 2017

    बर्लिन। एक स्थायी टैटू बनवाने के बाद हो सकता है कि आपका शरीर बीमारियों से आपकी रक्षा नहीं कर सके। दरअसल, एक अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि टैटू बनवाने से लिम्फ नोड्स बढ़ सकता है, जो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा।

    गौरतलब है कि इम्यून सिस्टम के मजबूत होने पर शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है। वहीं, यदि इम्यून सिस्टम कमजोर हो, तो व्यक्ति जल्दी बीमार पड़ जाता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि टैटू की स्याही में मौजूद विषाक्त अशुद्धियां नैनोपार्टिकल्स के रूप में शरीर के अंदर चली जाती हैं और यह लिम्फ नोड्स को प्रभावित कर सकती हैं।

    त्वचा पर लगाए जाने वाले रंग के मिश्रण में संभावित अशुद्धियों के बारे में काफी कम जानकारी ही है। अधिकांश टैटू बनाने वाली स्याही में ऑर्गेनिक पिगमेंट्स के साथ ही निकल, क्रोमियम, मैंगनीज या कोबाल्ट जैसे प्रिजर्वेटिव्स भी होते हैं।

    कार्बन ब्लैक के अलावा, टैटू स्याही में इस्तेमाल होने वाला दूसरा सबसे आम इंग्रेडिएंट टाइटेनियम डाइऑक्साइड (TiO2) है। यह एक सफेद रंग का पिग्मेंट है, जिसे आमतौर पर रंगों के साथ मिलाकर कोई नया रंग बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।

    TiO2 आमतौर पर फूड एडिटिव्स, सनस्क्रीन और पेंट में प्रयोग किया जाता है। व्हाइट टैटू बनवाने के बाद देर से स्वस्थ होना, त्वचा का बढ़ना और उसमें खुजली होना जुड़ा हुआ है। अध्ययन जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

    संक्रमण से हो चुकी है मौत

    मेक्सिको में एक शख्स को टैटू बनवाकर तैराकी करने की वजह से मौत हो चुकी है। वह घातक संक्रमण की चपेट में आ गया, जिसके बाद टैटू बनाने वाली जगह से फैले संक्रमण ने धीरे-धीरे पूरे शरीर को चपेट में ले लिया। इलाज के दो महीने बाद 31 वर्षीय शख्स की दर्दनाक मौत हो गई।

    उसका घाव सड़ने लगा था, जिससे उसकी दोनों किडनी खराब हो गई और उसकी मौत हो गई। टैटू बनाने वाले आर्टिस्ट ने चेतावनी भी दी थी कि दो हफ्तों तक वह स्वीमिंग जैसी गतिविधि से दूर रहे।

    आर्थिक नुकसान भी है

    टैटू बनवाने के शारीरिक नुकसान के साथ ही आर्थिक नुकसान भी हैं। दरअसल, टैटू स्थायी होता है और उसके निशान आसानी से मिटते नहीं हैं। इसे हटवाना टैटू बनवाने की तुलना में इसे आसान नहीं है और इसमें पैसे भी अधिक खर्च होते हैं। इसके अलावा स्याही के निशान छूट जाते हैं।

    टैटू हटवाने के साइड इफेक्ट्स जैसे फफोले पड़ना, त्वचा में निशान रह जाने आदि की परेशानी सामने आती है। इसके लिए अस्पताल में तीन से पांच सेशन तक जाना पड़ता है और करीब 20,000 रुपए तक का खर्च हो सकता है।

    देश में टैटू हटवाने के बढ़े हैं मामले

    मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में कंसल्टेंट कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. समा रईस कहती हैं उनके पास हर हफ्ते करीब चार ऐसे मामले आते हैं। जबकि, एक साल पहले ऐसे एस या दो ही मामले सामने आते थे। डॉ. राईस सलाह देती हैं कि टैटू बनवाने से पहले ध्यान से सोचें क्योंकि रसायनों के लिए आपकी त्वचा को बहुत उजागर करना अच्छा विचार नहीं है।

    वहीं, मुंबई में फोर्टिस एसएल रहेजा अस्पताल में कॉस्मेटिक प्लास्टिक और रीकंस्ट्रक्टिव सर्जन कहते हैं कि उन्हेंने पिछले एक साल में टैटू हटवाने वालों की संख्या में 30 फीसद का इजाफा देखा है। लगातार ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।

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