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    एवरेस्ट फतह के झूठे दावों को रोकेगा जीपीएस

    Published: Mon, 20 Mar 2017 09:31 PM (IST) | Updated: Mon, 20 Mar 2017 09:34 PM (IST)
    By: Editorial Team
    everest 20 03 2017

    काठमांडू

    दुनिया के सबसे ऊंचे माउंट एवरेस्ट के शिखर तक चढ़ाई का प्रयास करने वाले पर्वतारोहियों को इस साल जीपीएस उपकरण मुहैया कराया जाएगा।

    नेपाल ने कहा कि इससे शिखर पर पहुंच एवरेस्ट फतह के झूठे दावों पर अंकुश लगाने और आपदा में फंसे पर्वतारोहियों को खोजने में मदद मिलेगी।

    8,850 मीटर ऊंचे एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने वाले पर्वतारोहियों को अभी सुबूत के तौर पर वहां की तस्वीरें और बेस कैंप के अपने अधिकारी की रिपोर्ट को पेश करना अनिवार्य होता है।

    तस्वीरों में यह दिखना चाहिए कि पर्वतारोही शिखर पर हैं। पिछले साल एक भारतीय जोड़े ने शिखर पर पहुंचने की फर्जी तस्वीर दिखाई थी।

    इसके बाद नेपाल में उनके पर्वतारोहण पर दस साल के लिए रोक लगा दी गई। पर्यटन विभाग के अधिकारी दुर्गा दत्त ढकाल ने बताया कि मौजूदा सीजन में परीक्षण के लिए कुछ पर्वतारोहियों को जीपीएस टै्रकिंग डिवाइस से लैस किया जाएगा।

    इससे यह देखा जाएगा कि क्या यह फर्जी दावों पर अंकुश लगाने में प्रभावी है। अगर यह काम करता है तो हम अगले साल से इसे सभी पर्वतारोहियों के लिए अनिवार्य कर देंगे।

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