Naidunia
    Saturday, November 18, 2017
    PreviousNext

    कैंसर ने छीन ली आवाज...बिना बोले तैयार कर दी टीम

    Published: Mon, 13 Mar 2017 11:04 AM (IST) | Updated: Mon, 13 Mar 2017 11:16 AM (IST)
    By: Editorial Team
    football 13 03 2017

    बगदाद। खादिम फ्लायेह अपनी घड़ी पर तीन ऊंगलियों से हल्के से मारते हैं। यह निशानी है मैच को शुरू करने की। इराक के शीर्ष फुटबॉल प्रशिक्षकों में से एक खादिम ने अपनी आवाज गंवा दी है। लेकिन इसके बावजूद उनका खेल के प्रति जूनून कम नहीं हुआ है।

    कैंसर की वजह से पिछले वर्ष 57 वर्षीय खादिम के गले की नली काटना पड़ी थी। इसके बावजूद वह हर रोज बगदाद की एयर फोर्स क्लब यूथ टीम को प्रशिक्षण देते हैं। कई बार वह ईएल (ऐसी मशीन जिससे तरंगों के द्वारा ध्वनि उत्पन्ना होती है) के जरिए बात करते हैं।

    जब यह असहज हो जाता है तो वह कागज पर लिखते हैं और उनका सहायक खिलाड़ियों को निर्देश बताता है।

    खादिम के अनुसार- कई बार एक इशारे पर ही खिलाड़ी समझ जाते हैं कि मैं क्या चाहता हूं। लेकिन मैदान पर संकेत ही मुख्य भूमिका निभाते हैं। मैं अभ्यास और मैचों के दौरान सांकेतिक भाषा का ही उपयोग करता हूं। जब मैं

    एक हाथ पर चार ऊंगलियां दबाता हूं तो इसका मतलब होता है कि विपक्षी टीम पर दबाव बनाओ।

    जब वह दोनों हाथ लंबे खोल देते हैं तो खिलाड़ी मैदान में फैल जाते हैं। जब वह हाथों का अंतर कम करते हैं तो खिलाड़ी कुछ करीब आ जाते हैं। जब वह एक हाथ की दो ऊंगलियां उठाते हैं और दूसरे हाथ की एक तो इसका मतलब होता है कि दो खिलाड़ी पर एक खिलाड़ी रहो।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें