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    देश के मूल निवासी नहीं हैं रोहिंग्या मुस्लिम : म्यांमार सेना प्रमुख

    Published: Thu, 12 Oct 2017 07:13 PM (IST) | Updated: Thu, 12 Oct 2017 07:23 PM (IST)
    By: Editorial Team
    rohingya 15-09-17 12 10 2017

    यंगून। म्यांमार के सेना प्रमुख ने कहा है कि रोहिंग्या मुसलमान उनके देश के मूल निवासी नहीं हैं। मीडिया उनके देश छोड़कर जाने की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। कार्रवाई के दौरान सैन्यकर्मियों के उत्पीड़न के आरोप को भी सेना प्रमुख ने खारिज किया है।

    म्यांमार सेना के सीनियर जनरल मिन आंग लैंग ने यह बात अमेरिकी राजदूत स्कॉट मार्सील से मुलाकात में कही है। बातचीत का यह ब्योरा सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर भी आया है। म्यांमार में सेना प्रमुख का सबसे शक्तिशाली पद माना जाता है। यहां पर कई दशकों तक सेना सत्ता में रही थी। महज दो साल पहले वहां लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार ने सत्ता संभाली लेकिन सरकार और संसद में सेना का दखल बरकरार है।

    जाहिर है सेना प्रमुख का बयान म्यांमार की असलियत की ओर इशारा करता है। सेना के अभियान को जनता का समर्थन होने के कारण लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई आंग सान सू की सरकार भी कुछ खास नहीं कर पा रही है। सीनियर जनरल ने रोहिंग्या मुसलमानों को बंगाली कहकर संबोधित किया और पूरी समस्या के लिए ब्रिटिश शासन को जिम्मेदार ठहराया।

    जबकि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार अधिकारी ने कहा है कि म्यांमार के सुरक्षा बलों ने रोहिंग्या मुसलमानों पर निर्ममता से अत्याचार किया है। रखाइन प्रांत के गांवों में स्थित उनके घर जला दिए गए हैं। उनकी फसलों को नष्ट कर दिया गया है। ये मुसलमान वापस लौटकर न आ सकें, इसके लिए उनके पूरे गांव ही उजाड़ दिए गए हैं। हजारों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमान अभी भी जहां-तहां छिपे हुए हैं और वे बांग्लादेश भागने के लिए नाव का इंतजार कर रहे हैं।

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