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    रूस की सेना ने आईएस आतंकियों पर गिराया फादर ऑफ ऑल बम

    Published: Mon, 11 Sep 2017 06:36 PM (IST) | Updated: Tue, 12 Sep 2017 09:28 AM (IST)
    By: Editorial Team
    rtx2ysth 11 09 2017

    सीरिया। रूस की सेना ने खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकियों पर फादर ऑफ ऑल बम का हमला किया है। सेना ने यह गैर-परमाणु बम आईएस के बड़े कमांडर्स को निशाना बनाते हुए गिराया है। यह हमला सीरिया के पूर्वी शहर देर अल ज़ोर में किया गया है।

    तीन दिन पहले सात सितंबर को भी रूस ने सीरिया में आईएस के चार शीर्ष कमांडर समेत 40 आतंकवादियों को मारने का दावा किया था। रूस के रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया था कि उनके सैनिकों ने सीरिया के पूर्वी शहर देरअल-ज़ोर के बाहर एक हवाई हमले में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के चार नेताओं बड़े नेताओं को मार गिराया है।

    रूस की समाचार समितियों ने सात सितंबर को रक्षा मंत्रालय के एक बयान के हवाले से बताया था कि हवाई हमले में 40 आतंकवादी मारे गए थे। दावा किया गया है कि मारे जाने वालों में आतंकवादी नेता अबू मुहम्मद अल-शिमाली और गुलमुरोद खलीमोव भी शामिल था।

    शहर में कर रहा था नई भर्तियां -

    मालूम हो कि अल-शिमाली सीरिया में विदेशी लड़ाकों के अभियान का नेतृत्व कर रहा था। साथ ही शहर में नई भर्तियां भी कर रहा था। इस शहर में सीरिया के सरकारी बलों और आईएस के बीच काफी समय से भारी संघर्ष जारी है। आतंकवादियों ने इस शहर पर वर्षों से कब्जा कर रखा है। राष्ट्रपति बशर अलअसद के सैनिकों ने मंगलवार पांच सितंबर को शहर के कुछ हिस्सों को आतंकवादियों के कब्जे से मुक्त कराया था। आतंकवादियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी इसे मानी जा रही है। कहा जाता है कि फादर आफ आल बम 44 टन टीएनटी से बना होता है, जो इस साल के शुरुआत में अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान के तोराबोरा में तालिबान आतंकियों पर गिराए गए मदर आफ आल बम से भी ज्यादा शक्तिशाली है और विध्वंसक है।

    आतंकवाद फैलाने वाले आतंकवादियों का खात्मा जरूरी -

    रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव ने कहा है कि सीरियाई सरजमीं से आतंकवाद फैला रहे आतंकवादियों का खात्मा जरूर होना चाहिए। इससे पहले कि वे यहां से बचकर निकल भागे या दूसरे देशों के लिए खतरा बने, उनको खत्म कर देना चाहिए। आतंकवाद को हम किसी अन्य देश के लिये खतरा नहीं बनने देंगे। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक लावरोव ने शुक्रवार आठ सितंबर को मॉस्को में फ्रांसीसी समकक्ष जीन युवेस ली ड्रायन के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये यह बयान दिया था।

    दूसरे देश भागकर फैला सकते हैं आतंकवाद -

    लावरोव ने कहा था कि हम फ्रांस की इस चिंता से सहमत हैं कि आंतकवादी सीरिया से यूरोप, एशिया या रूस भागकर नये खतरे पैदा कर सकते हैं जबकि दूसरी ओर रूसी राजनयिक ने कहा कि रूस और फ्रांस दोनों राजनयिक तरीकों से सीरियाई संघर्ष खत्म करने की जरूरत पर सहमत हैं। इस पर ली ड्रायन ने कहा है कि सीरिया में राजनीतिक बदलाव के लिए सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की बर्खास्तगी ही जरूरी शर्त नहीं होनी चाहिए।

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