Naidunia
    Sunday, September 24, 2017
    PreviousNext

    ज्यादा तनाव हो, तो इसलिए शरीर में होती है खुजली

    Published: Tue, 12 Sep 2017 12:24 PM (IST) | Updated: Wed, 13 Sep 2017 10:52 AM (IST)
    By: Editorial Team
    scratching man 12 09 2017

    लंदन। क्या आपको तनाव होने पर खुजली होने लगती है? यदि हां, तो ऐसा करने वाले आप अकेले नहीं हैं। दरअसल, ऐसा करके आप लाखों साल पहले विकसित हुई एक रणनीति में शामिल होते हैं, जिसका मकसद संघर्ष या झगड़े को रोकना होता है।

    प्लायमाउथ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कायो सैंटियागो, प्यूर्टो रिको में आठ महीने बिताए। जंगली रीसस मकाकियों और मकाका मुल्टा बंदरों के एक समूह को देखकर उनके पैटर्न की जांच की, खासतौर पर उनके खुजली करने की आदतों को देखा।

    वैज्ञानिकों ने पाया कि मकाओ अधिक सामाजिक तनाव के समय सबसे अधिक खुजली करते हैं। जैसे जब उन्हें अपने से बड़ी रैंकिंग वाले या किसी अनजान बंदर से निपटना होता है, तो वे खुजली करने लगते हैं। यह मानवीय तनाव पर किए गए शोध को दर्शाती है। जब हमें अपने बॉस का सामना करना पड़ता है या अजनबियों के पास जाना होता है, तो हम भी अक्सर वैसी ही प्रतिक्रिया देते हैं।

    यह पता चला है कि झगड़े या तकरार से बचने का यह सबसे अच्छा कारण है। अध्ययन में पाया गया कि उच्च-रैकिंग वाले बंदरों के खुजली करने वाले बंदरों की अपेक्षा खुजली नहीं करने वाले बंदरों पर आक्रामक होने की संभावना 25 प्रतिशत अधिक थी।

    अध्ययन के मुख्य लेखक जेमी व्हाईटहाउस के मुताबिक, इसका मतलब यह हो सकता है कि बंदर खुजलाने को तनाव के संकेत के रूप में देखते हैं। इसलिए किसी तनावग्रस्त बंदर पर हमला करना अच्छा विचार नहीं हो सकता है। व्हाटहाउस ने कहा खुजली करना सामाजिक तनाव का संकेत हो सकता है। संभावित हमलावरों को स्पष्ट रूप से तनावग्रस्त व्यक्तियों पर हमला करने से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में हमला करना या तो बेकार साबित हो सकता है आ जोखिम भरा हो सकता है।

    यह पहली बार नहीं है, जब बंदरों ने इंसानों को अपनी चिंता को समझने में मदद की है। इससे पहले साल 2013 में मैंचेस्टर और लीवरपूल ने 600 बार्बेरी मकाक्यूज के व्यवहार को देखा था और पाया था कि बीच के क्रम में बंदर सबसे ज्यादा तनाव में होते हैं क्योंकि उन्हें डर होता है कि वे हायरार्की (पदानुक्रम) में सबसे नीचे धकेल दिया जाएगा। इंसानों में मध्यमवर्गीय परिवारों की भी यही जिंदगी होती है।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें