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    एर्दोगन की शक्ति बढ़ाने पर तुर्की में ऐतिहासिक जनमत संग्रह

    Published: Sun, 16 Apr 2017 08:47 PM (IST) | Updated: Mon, 17 Apr 2017 02:19 PM (IST)
    By: Editorial Team
    recep tayyip erdogan 16 04 2017

    अंकारा। राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के अधिकार में वृद्धि को लेकर तुर्की में ऐतिहासिक जनमत संग्रह कराया जा रहा है। तुर्की की जनता ने रविवार को इसके लिए अपना मत डाला। ओपिनियन पोल में एर्दोगन को मामूली बढ़त मिल रही है।

    एर्दोगन के पक्ष में नतीजा आने पर संसदीय लोकतंत्र की मौजूदा शासन प्रणाली का स्थान शक्तिशाली अध्यक्षीय प्रणाली ले लेगी। इससे राष्ट्रपति के अधिकार में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और एर्दोगन 2029 तक सत्ता में बने रह सकेंगे।

    जनमत संग्रह के नतीजे यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ तुर्की के तनावपूर्ण संबंधों की दशा और दिशा भी तय करेंगे। तुर्की नाटो का भी सदस्य है। ईयू के साथ समझौते के बाद तुर्की ने सीरिया और इराक से आने वाले शरणार्थियों के यूरोपीय संघ में प्रवेश पर रोक लगा दी है।

    एर्दोगन ने जनमत संग्रह के बाद करार पर विचार करने की बात कही है। पोलिंग बूथ पर वोट देने के बाद तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा, "मेरा विश्वास है कि तुर्की की जनता तेज विकास की राह को प्रशस्त करेगी। मुझे तुर्की की जनता के लोकतांत्रिक समझ पर पूरा भरोसा है।"

    तकरीबन 5.5 करोड़ लोगों के पास मत डालने का अधिकार है। विदेशों में रहने वाले तुर्की मतदाता पहले ही वोट डाल चुके हैं। जनमत संग्रह के बाद एर्दोगन समर्थकों और विरोधियों की बीच की खाई और बढ़ने की आशंका है। इस बीच, कुर्द विद्रोहियों द्वारा हमले करने की भी खबरें हैं।

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