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    उत्तरी कोरिया के तानाशाह किम जोंग का दावा, अब अमेरिका निशाने पर

    Published: Mon, 15 May 2017 08:33 PM (IST) | Updated: Tue, 16 May 2017 11:06 AM (IST)
    By: Editorial Team
    kim-jong-un 15 05 2017

    सियोल। ताजा मिसाइल परीक्षण की सफलता के बाद उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने कहा कि अमेरिका किसी गलतफहमी में न रहे, अब वह उनके निशाने पर है। उसकी नई मिसाइल भारी परमाणु हथियार लेकर अमेरिका तक मार करने में सक्षम है।

    विरोधी दक्षिण कोरिया के सैन्य प्रमुख ने दबी जुबान में उत्तर कोरिया के दावे से सहमति जताई है। परीक्षण के विश्लेषणकर्ताओं ने भी माना है कि यह मिसाइल अप्रत्याशित दूरी तय कर सकती है। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कोरिया प्रायद्वीप के हालात को खतरनाक करार दिया है। पुतिन ने कहा है, उत्तर कोरिया को धमकाना बंद करके बातचीत के जरिये समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए।

    उत्तर कोरिया की न्यूज एजेंसी केसीएनए के अनुसार, उसने जमीन से जमीन पर मार करने वाली मध्यम दूरी की अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल का रविवार को सफल परीक्षण किया। एजेंसी के अनुसार मिसाइल पहले 2,111.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक गई और उसके बाद उसने मुड़कर 787 किलोमीटर लंबी दूरी तय की। वह जापान सागर में जाकर गिरी। नई मिसाइल को ह्वासोंग-12 का नाम दिया गया है।

    एजेंसी ने बताया कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने खुद इस मिसाइल टेस्ट को देखा। उन्होंने मिसाइल विकसित करने वाले वैज्ञानिकों को खुशी से गले लगा लिया। कहा, वैज्ञानिकों ने कठिन परिश्रम करके बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

    किम जोंग ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह छोटे और कमजोर देशों को मर्जी मुताबिक धमकाता रहता है, इसीलिए उनके देश को परमाणु हथियार बनाने की जरूरत पड़ी।

    विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर कोरिया की नई मिसाइल 4,500 किलोमीटर या उससे कुछ ज्यादा दूरी तक जा सकती है। अमेरिका के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के जेफ्री लेविस के अनुसार यह उत्तर कोरिया की सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल है।

    एयरोस्पेस इंजीनियरिग की वेबसाइट चलाने वाले जॉन शीलिंग के अनुसार यह निश्चित रूप से मध्यम दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल है जो हजारों किलोमीटर दूर स्थित अमेरिका के प्रशांत महासागर में बड़े सैन्य अड्डे गुआम तक पहुंच सकती है।

    यह परीक्षण लंबी दूरी की अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल (आइसीबीएम) बनाने का रास्ता भी खोल सकता है जिसके बाद अमेरिका की मुख्य भूमि तक उत्तर कोरियाई मिसाइल की पहुंच हो जाएगी। हालांकि उत्तर कोरिया की अमेरिका पर परमाणु हमले की धमकी के जवाब में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि ऐसा कभी नहीं होगा।

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