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    एड्स के साथ भी जी सकते हैं लंबी जिंदगी, पढ़े ये तीन कहानियां

    Published: Thu, 01 Dec 2016 12:06 PM (IST) | Updated: Thu, 01 Dec 2016 12:44 PM (IST)
    By: Editorial Team
    jonathan blake 01 12 2016

    लंदन। एचआईवी का पता पहली बार ब्रिटेन में 30 साल पहले चला था। तब से इस वायरस के होने की वास्तविकता में नाटकीय रूप से बदलाव आया है। पढ़ते हैं कुछ ऐसी ही कहानियों के बारे में, जिसमें 1980 के दशक के महामारी से बचे एक व्यक्ति से लेकर हाल में एड्स का पता चलने वाली 60 साल की एक मां भी शामिल है।

    जोनाथन ब्लेक, 65

    वह अपने साथी के साथ लंदन में रहता है। वह उन पहले लोगों में से एक है, जिसे देश में एचआईवी से संक्रमित पाया गया था। उन्होंने बताया कि 1982 में ग्रंथियों में सूजन के बाद पता चला कि मुझे एचआईवी हो गया है। उस समय यह खबर थी कि यह रहस्यमयी बीमारी अमेरिका से फैल रही थी। यह भयानक और टर्मिनल था।


    वे मुझे AZT पर रखना चाहते थे, जिसके बारे में बाद में पता चला कि वह असफल कीमोथैरेपी ड्रग थी। मैंने उसे लेने से इंकार कर दिया था। मैं ड्रग कंपनियों पर भरोसा नहीं करता था, आज भी नहीं करता हूं। मगर, ड्रग को लेने के इंकार करने के कारण ही शायद मैं जिंदा बच पाया।

    मैंने देखा कि कई लोगों की मौत वायरस के कारण हुई, लेकिन कई मौतें ड्रग्स के कारण भी हुई थीं। मेरे मन में हमेशा से यह बात थी कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं जल्द मरने जा रहा हूं। तो मैं वहां से बाहर आ गया और जीवन जीता रहा।

    मैं 1996 तक बिना किसी दवा के रहा। मेरा स्वास्थ्य सही नहीं है, लेकिन मैं बीमारी का पता लगने के 30 साल बाद भी जिंदा हूं। मैं नहीं जानता कि मैं कैसे बच गया? अजीब बात है कि मैं एचआईवी के साथ भी जिंदा हूं।

    लीजी जॉर्डन, 33

    लीजी को साल 2006 में एड्स होने का पता चला था। आज वह अपनी 10 साल की बेटी के साथ रह रही हैं। वह बताती हैं कि मैं चार साल से अपने साथी बेंजी के साथ रह रही थी, उस वक्त हमारी बेटी जाये सिर्फ 13 महीने की थी। एक दिन बेंजी घर आया, वह अस्वस्थ महसूस कर रहा था। हमने सोचा कि यह सिर्फ एक साइनस संक्रमण था, लेकिन चार दिनों के भीतर वह मर गया।

    पोस्टमार्टम से पता चला कि उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर थी। दरअसल, उसे एचआईवी था। जल्द ही मैंने भी जाये के साथ परीक्षण करवाया, जिसे मैं अभी भी स्तनपान कर रही थी। उसका परिणाम नकारात्मक था, लेकिन मेरा सकारात्मक था। उस समय मैं सदमे में थी।

    मैंने पहले सोचा कि इसके बारे में किसी को नहीं बताऊंगी, लेकिन मुझे एहसास हुआ कि बेंजी मुझसे पहले कुछ महिलाओं के साथ सोया था। मैं उनके बारे में जानना चाहती थी। यह मुश्किल था और बेंजी के परिवार ने यह मानने से इंकार कर दिया कि उसे एड्स था। उल्टा उन्होंने मुझे ही दोषी ठहराया।

    यह आठ साल पुरानी बात है। आज मैं खुश और स्वस्थ हूं व मुझमें एड्स के लक्षण भी नहीं हैं। मैंने पिछले साल की दवा लेनी शुरू की है। अब जाये 10 की है और मैंने उसे उसकी आयु के हिसाब से बातें बताई हैं। मैंने उसे बताना शुरू किया था कि उसकी मां के खून में कीड़े हैं। अब वह इसके बारे में बहुत अधिक समझती है।

    जो जोश, 66

    रीगेट में रहने वाली जो जोश को 2008 में पता चला कि उन्हें एचआईवी है। उनकी 25 वर्षीय एक बेटी है। वह बताती हैं कि एचआईवी संक्रमण के बारे में लोगों के मन में एक खराब छवि है। अधिकांश संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध के माध्यम से फैलते हैं और लोग इसे खराब मानते हैं।

    जब तक मैं खुद इस शब्द के बारे में नहीं जान गई थी, मैंने अपनी बेटी को इसके बारे में नहीं बताया था। उस वक्त वह 18 साल की थी, और मैं सदमे में थी। शुरुआत में अपको एचआईवी के बारे में पता नहीं होता है। यह भी नहीं पता होता है कि इन दिनों कितना बेहतर दवा बाजार में हैं। फिर आप महसूस करने लगते हैं कि इसके साथ चला जा सकता है।

    बीबीसी न्यूज के बॉडी एंड सोल से जुड़ी, जो एक एचआईवी चैरिटी है। इसके बाद मेरे फोन पर घंटियां बजने लगीं और मेरे दोस्त बहुत सपोर्टिव, लेकिन बहुत भावुक थे। उनमें से कुछ ने मुझे बताया कि मैं कितनी बहादुर थी। मैंने उन्हें बताया कि में वास्तव में ठीक हूं।

    मुझे अभी तक किसी भी दवा की जरूरत नहीं है और कभी-कभी लगता है कि मेरे साथ धोखाधड़ी हुई है। कुछ लोग इसे संभाल नहीं पाते हैं।

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