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    सालभर से लिक्‍विड पर जी रही थी, अब कर पाएगी शानदार क्रिसमस डिनर

    Published: Mon, 21 Nov 2016 03:46 PM (IST) | Updated: Mon, 21 Nov 2016 03:55 PM (IST)
    By: Editorial Team
    gastro 21 11 2016

    एक महिला जो कि सालभर तक केवल तरल पदार्थ पर ही जी रही थी लेकिन पेट में पीसमेकर लगाने के बाद अब ठोस खाना फिर खा सकती है। 26 साल की कैली होल्‍डर को हर खाने के बाद तेज दर्द और लगातार उल्‍टियां हुआ करती थी। एक क्रॉनिक डिस्‍ऑर्डर गैस्‍ट्रोपेरेसिस के कारण होता था जिसमें पेट की मांसपेशियों में पक्षाघात हो जाता है।

    लेकिन कुम्‍ब्रिया की रहने वाली कैली को अब नई जिंदगी मिल गई जब उसके पेट में पीसमेकर इंस्‍टॉल किया गया और अब वह शानदार क्रिसमस डिनर का इंतजार कर रही है।

    ऑटोमेटिव डिजाइनर कैली ने कहा ' मुझे बहुत दर्द होता था , विशेष रूप से खाने के बाद और मैं हमेशा पेट के संक्रमण के कारण अस्‍पताल के चक्‍कर लगाया करती थी। मैं हमेशा खुद को बीमार ही महसूस करती थी। मेरी सोशल लाइफ भी नहीं थी। मैं दर्द के कारण कुछ भी नहीं कर पाती थी।'

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    कैली ने तब सबसे पहले पेट दर्द की शिकायत की जब वह 16 साल की थी और तब उसे मूल रूप से इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और एसिड रिफ्लक्‍स डायग्‍नोस हुआ था।

    पिछले साल गैस्‍ट्रोपेरेसिस डायग्‍नोज होने के बाद कैली ने कहा कि मेडिकेशन उसे और ज्‍यादा बुरा महसूस करा रहा था। दर्द को कम करने के लिए वह ठोस पदार्थ ही नहीं खाती थी और केवल न्‍यूट्रीशन शेक्‍स ही पीकर जी रही थी। लेकिन लीड्स में जब वह स्‍पाइर लीड्स हॉस्‍पिटल में एक विशेषज्ञ से मिली तो उसने पीसमेकर फीट करने की सलाह दी।

    कैली के पास अब एक गैस्‍ट्रिक न्‍यूरोस्‍टीम्‍यूलेटर है जो कि हार्ट पीसमेकर की तरह है। इस डिवाइस की वजह से वह अब ठोस पर्दार्थ ले पाती।

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