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    रूस पर लगे प्रतिबंधों को हटा सकते हैं ट्रंप

    Published: Sat, 14 Jan 2017 06:03 PM (IST) | Updated: Sat, 14 Jan 2017 06:05 PM (IST)
    By: Editorial Team
    trump russia sanctions 14 01 2017

    वाशिंगटन। नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश नीति में बड़ा उलटफेर करने के संकेत दिए हैं। "वॉल स्ट्रीट जर्नल" को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने आतंकवाद से लड़ने में मदद करने पर मास्को पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने करेंसी और व्यापार में सुधार नहीं होने की स्थिति में "वन चाइना" नीति से पीछे हटने के भी बात कही है।

    एक घंटे तक चले साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, "अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण लक्ष्यों को पूरा करने और आतंकवाद से मुकाबले में मदद करने की स्थिति में रूस पर लगे प्रतिबंध को हटाया जा सकता है। मैं शपथ लेने के कुछ समय बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करूंगा। मैं समझता हूं वह मुझसे मिलना पसंद करेंगे।" रूस की ओर से कथित तौर साइबर हमले के बाद ओबामा सरकार ने दिसंबर में मास्को पर प्रतिबंध लगा दिया था। ट्रंप 20 जनवरी को औपचारिक तौर पर राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। इसमें जानेमाने कलाकार टॉबी कीथ, ली ग्रीनवुड और जेनिफर होलीडे कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

    वन चाइना नीति पर भी होगा विचार

    मगर, ट्रंप का चीन के प्रति सख्त रुख बरकरार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य मसलों के अलावा वन चाइना नीति पर भी विचार किया जा रहा है। राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ताइवान की राष्ट्रपति ने ट्रंप को बधाई दी थी। इससे चीन भड़क गया था। वन चाइना नीति के तहत ताइवान को चीन का ही हिस्सा माना जाता है। अमेरिका भी इसे मान्यता देता है।

    ट्रंप ने चीन पर मुद्रा का जानबूझकर अवमूल्यन करने और व्यापार असंतुलन की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा, "मैं राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद चीन पर फैसले नहीं लूंगा। मैं पहले उनसे बात करूंगा। उनकी नीतियों के कारण अमेरिकी कंपनियां चीनी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकती हैं। अमेरिकी मुद्रा मजबूत है, जिससे हम मार खा रहे हैं।" चीन ने अभी तक ट्रंप के बयान पर टिप्पणी नहीं दी है।

    रूसी जासूसी की सीनेट करेगी जांच

    राष्ट्रपति चुनाव में रूस की ओर से जासूसी कराने के मामले की सीनेट की खुफिया मामलों की समिति जांच करेगी। समिति के अध्यक्ष रिचर्ड बर (रिपब्लिकन) और उपाध्यक्ष मार्क वार्नर (डेमोक्रेट) ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। इसमें रूस और चुनाव अभियान से जुड़े लोगों के बीच संबंधों की जांच पड़ताल की जाएगी। रूस द्वारा किए गए साइबर हमले की भी जांच होगी।

    इस बीच, ट्रंप के प्रमुख सहयोगी माइकल फ्लिन और अमेरिका में रूस के राजदूत सर्गेई किसलेक के बीच बातचीत होने की बात सामने आई है। दोनों के बीच 29 दिसंबर को बातचीत हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने पांच बार फोन पर बात की थी। ओबामा ने इसी दिन रूस पर प्रतिबंध लगाया था। ट्रंप ने फ्लिन को सुरक्षा सलाहकार बनाने की बात कही है।

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