नई दिल्ली। जैसा की हम सभी जानते हैं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) स्मॉल सेविंग अकाउंट की सुविधा भी देता है। यह सुविधा उन ग्राहकों के लिए होती है जिनके पास केवाईसी डॉक्यूमेंट नहीं होते हैं। हालांकि इस खाते में संचालन से जुड़े कई प्रतिबंध लागू होते हैं, क्योंकि इसमें केवाईसी के नियमों को सख्ती से फॉलो नहीं किया जाता है। इससे संबंधित सभी जरूरी जानकारी एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट (sbi.co.in) पर उपलब्ध है।

इस तरह का खाता समाज के गरीब तबके के लिए होता है। इस खाते का उद्देश्य ऐसे लोगों को बिना किसी शुल्क और अतिरिक्त बोझ डाले सेविंग की आदत डलवाना है। हालांकि, केवाईसी डॉक्यूमेंट्स जमा कराने के बाद एसबीआई के स्मॉल सेविंग अकाउंट को रेगुलर सेविंग अकाउंट में बदलवाया जा सकता है। बता दें कि, एसबीआई के स्मॉल सेविंग अकाउंट में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज रेगुलर सेविंग अकाउंट के जैसा ही होता है। बैंक इस पर 3.50 फीसद की दर से ब्याज उपलब्ध करवाता है।

स्मॉल सेविंग अकाउंट में एवरेज मंथली बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती है। इस खाते में अधिकतम 50,000 रुपये तक की राशि मेंटेन की जा सकती है। अगर यह राशि 50,000 रुपये से ऊपर जाती है और अकाउंट में क्रेडिट हुई कुल राशि एक साल में 1 लाख रुपये से ज्यादा होती है, तो इसमें तब तक किसी भी लेनदेन की इजाजत नहीं होती है जब तक की केवाईसी की प्रक्रिया पूरी न हो जाए। इतना ही नहीं एक महीने के अंदर सभी निकासियों और ट्रांसफर का कुल 10,000 रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

ग्राहकों को बेसिक रुपे एटीएम-कम-डेबिट कार्ड मुफ्त में दिया जाएगा और एसबीआई के स्मॉल सेविंग अकाउंट पर किसी भी तरह का सालाना मेंटेनेंस चार्ज नहीं लगाया जाता है। वहीं, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसे इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड का इस्तेमाल करना भी मुफ्त है। अकाउंट होल्डर को अधिकतम एक महीने में एटीएम से 4 निकासी की सुविधा मिलती है। इतना ही नहीं अकाउंट क्लोज कराने के भी पैसे नहीं देने होंगे।