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    थोक महंगाई दर पर सरकार को बड़ी राहत

    Published: Thu, 15 Feb 2018 11:26 PM (IST) | Updated: Thu, 15 Feb 2018 11:28 PM (IST)
    By: Editorial Team
    inflation rate 15 02 2018

    नई दिल्ली। सब्जियों के ऊंचे दाम के बावजूद इस वर्ष जनवरी के दौरान थोक मूल्य पर आधारित महंगाई दर (डब्ल्यूपीआई) गिरकर 2.84 फीसद रह गई है। पिछले छह महीनों के दौरान यह न्यूनतम थोक महंगाई दर है। इससे पहले पिछले वर्ष जुलाई में थोक महंगाई दर 1.88 फीसद के निचले स्तर तक गई थी। पिछले वर्ष जनवरी में थोक महंगाई दर 4.26 फीसद और दिसंबर 2017 में 3.58 फीसद थी।

    सरकार द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य पदार्थों की थोक महंगाई दर घटकर 3 फीसद रह गई, जो दिसंबर 2017 में 4.72 फीसद थी। सब्जियों के थोक भाव में भी मामूली नरमी के संकेत मिले और उसकी सालाना महंगाई दर दिसंबर 2017 के 56.46 फीसद से गिरकर इस वर्ष जनवरी में 40.77 फीसद रह गई। हालांकि प्याज की थोक महंगाई दर इस वर्ष जनवरी में 193.89 फीसद पर पहुंच गई। सरकार के लिए दाल, गेहूं और मोटे अनाजों की थोक महंगाई दर में नरमी भी सुकून देने वाले आंकड़े रहे हैं। एक तरफ दालों की महंगाई दर घटकर 30.43 फीसद रही, वहीं गेहूं और मोटे अनाजों की महंगाई दर गिरकर क्रमशः 6.94 फीसद और 1.98 फीसद पर आ गई।

    हालांकि अंडे, मांस और मछली जैसे प्रोटीन-युक्त खाद्य पदार्थों की थोक महंगाई दर में जनवरी के दौरान 0.37 फीसद की नरमी आई, तो फलों की महंगाई दर चढ़कर 8.49 फीसद पर पहुंच गई। ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र के लिए थोक महंगाई दर चढ़कर इस वर्ष जनवरी में 4.08 फीसद पर पहुंच गई, जो दिसंबर 2017 में 2.78 फीसद थी।

    जनवरी में निर्यात 9 फीसद बढ़ा

    रसायन, इंजीनियरिंग व पेट्रोलियम पदार्थों के दमदार निर्यात के बूते इस वर्ष जनवरी में देश का निर्यात 9 फीसद मजबूत होकर 24.38 अरब डॉलर यानी करीब 1,560 अरब रुपये पर पहुंच गया। लेकिन सरकार के लिए चिंता की बात यह है कि इस दौरान कारोबारी घाटा भी पिछले तीन वर्ष के सर्वोच्च स्तर पर जा पहुंचा है।

    वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल के बढ़े आयात के चलते जनवरी में देश का आयात 26.1 फीसद उछल कर 40.68 अरब डॉलर पर जा पहुंचा। इसी वजह से जनवरी में कारोबारी घाटा बढ़कर 16.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पिछले वर्ष जनवरी में देश का कारोबारी घाटा 9.9 अरब डॉलर पर था। मंत्रालय ने कहा कि पिछले वर्ष अक्टूबर को छोड़ दें तो अगस्त से अब तक देश का निर्यात लगातार सुधरा है।

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