नई दिल्ली। ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी प्राकृतिक गैस उत्पादक कंपनियों को राहत देने के मकसद से केंद्र सरकार 1 अप्रैल से घरेलू प्रोजेक्ट की प्राकृतिक गैस की कीमत 10 प्रतिशत बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में प्राकृतिक गैस 3.72 डॉलर प्रति यूनिट हो जाएगी।

मामले से जुड़े सूत्रों ने बुधवार को बताया कि फिलहाल इस कदम से ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों को फायदा होगा। सूत्रों के मुताबिक मुश्किल क्षेत्रों से निकाली गई गैस की दर भी बढ़ाकर करीब 9 डॉलर प्रति यूनिट (एमएमबीटीयू) की जा सकती है, जो फिलहाल 7.67 डॉलर प्रति यूनिट है। यदि ऐसा हुआ, तो लगातार चौथी बार गैस की कीमतों में इजाफा होगा।

क्या होगा असर?

प्राकृतिक गैस की कीमतें बढ़ने से उर्वरकों के साथ-साथ कई अन्य केमिकल और बिजली महंगी हो जाती है। क्योंकि उर्वरक जैसे प्रोडक्ट के उत्पादन में गैस की जरूरत होती है। इसके अलावा कुछ पावर प्लांट भी गैस से चलते हैं।

हर 6 महीने में संशोधन

प्राकृतिक गैस की कीमतें हर छह महीने में एक बार, 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को संशोधित की जाती है। इसके लिए प्राकृतिक गैस की कीमतें गैस बेचने वाले अमेरिका, रूस और कनाडा जैसे देशों के गैस बिक्री केंद्रों में एक तिमाही पहले की औसत दरों के आधार तय की जाती हैं। इस हिसाब से इस बार 1 अप्रैल से 30 सितंबर की अवधि के लिए पिछले साल 1 जनवरी से एक दिसंबर की अवधि में इन केंद्रों की वेटेड एवरेज प्राइस के आधार पर प्राकृतिक गैस की कीमत तय की जाएगी।

अक्टूबर में बढ़ी थी कीमतें

इससे पहले सरकार ने 1 अक्टूबर, 2018 को प्राकृतिक गैस के घरेलू उत्पादकों को दी जाने वाली कीमत 3.06 डॉलर प्रति यूनिट से बढ़ाकर 3.36 डॉलर प्रति यूनि कर दी थी।