मुंबई। शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी के बीच आइटी शेयरों में भारी बिकवाली से मंगलवार को सेंसेक्स में लगातार नौवें दिन और निफ्टी में लगातार आठवें दिन गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स में यह करीब आठ साल में गिरावट का सबसे लंबा दौड़ है और निफ्टी के लिए यह करीब चार साल में गिरावट का सबसे लंबा दौड़ है।

बीएसई का सेंसेक्स 145.83 अंकों की गिरावट के साथ 35,352.61 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 36.60 अंकों की गिरावट के साथ 10,604.35 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में टीसीएस में सर्वाधिक 3.39 फीसद गिरावट दर्ज की गई और वेदांता लिमिटेड में सर्वाधिक 3.38 फीसद तेजी दर्ज की गई।

सेक्टरों के लिहाज से बीएसई के आइटी सेक्टर में सर्वाधिक 2.09 फीसद गिरावट रही। दूसरी ओर रियल्टी सेक्टर में सर्वाधिक 1.66 फीसद तेजी दर्ज की गई। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में हालांकि क्रमशः 0.51 फीसद और 0.33 फीसद उछाल दर्ज किया गया।

एम्के वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च प्रमुख जोसेफ थोमस ने कहा कि मुख्यतः टीसीएस, विप्रो और इन्फोसिस जैसे आइटी शेयरों के अचानक गिरने से बाजार में गिरावट दर्ज की गई। भारत और पाकिस्तान के रिश्ते में आए तनाव का भी बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ा।

कारोबारियों ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआइ) द्वारा भारी बिकवाली करने से भी निवेश के माहौल पर बुरा असर पड़ा। बाजार के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को एफपीआइ ने 1,239.79 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,336.74 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध लिवाली की थी।

एशिया के अन्य प्रमुख बाजारों का मिला-जुला रुख रहा। हांगकांग के हैंगसेंग में 0.42 फीसद और कोरिया के कोस्पी में 0.24 फीसद गिरावट रही। जापान के निक्केई में 0.09 फीसद और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 0.04 फीसद तेजी रही। यूरोपीय बाजार के शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुझान रहा। फ्रैंकफर्ट के डीएएक्स में 0.12 फीसद, पेरिस के सीएसी40 में 0.40 फीसद और लंदन के एफटीएसई में 0.55 फीसद गिरावट रही।