नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि रेपो रेट में लगातार तीसरी बार 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी है। इस कटौती के बाद रेपो रेट अब 5.75 के स्तर पर पहुंच गई है जो पहले 6 पर थी। वहीं बैठक में रिवर्स रेपो रेट में भी कटौती की है जिसके बाद यह 6 से 5.50 पर आ गई है। इससे पहले डीएंडबी ने मौद्रिक नीति समिति की होने वाली बैठक में नीतिगत दरों में 0.25% की कटौती का अनुमान व्यक्त किया था। इसका सीधा फायदा आम आदमी को होगा जब बैंक ईएमआई में कमी करेंगे।

साथ ही बैठक में जीडीपी अनुमान को पूर्व के 7.2 प्रतिशत की बजाय 7 प्रतिशत किया गया है।

30 लाख के लोन से समझिए कैसे होगा फायदा

ब्याज दरों में कटौती के बाद आपके होम लोन की ईएमआई में कमी आएगी। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका बैंक इसका फायदा आपको देता है या नहीं। अगर बैंक इसका फायदा देता है तो आपकी ईएमआई कम होगी।

उदाहरण के लिए अगर आपने 20 साल के लिए 30 लाख का लोन लिया है और अब तक आप 8.6 प्रतिशत की ब्याज दर के साथ 26,225 रुपए की ईएमआई चुकाते थे तो अब इसमें कटौती के बाद 8.35 प्रतिशत की ब्याज दर के साथ 25, 751 रुपए चुकाएंगे। इसका मतलब है कि आपकी ईएमआई में 474 रुपए की कमी आएगी।

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ब्याज दरों में कटौती का फायदा आम आदमी को मिलता है और अगर बैंक रेपो रेट में कटौती अपने ग्राहकों को ट्रांसफर करते हैं तो इससे उनकी लोन की ईएमआई कम होगी। अगर लोन MCLR से जुड़ा है जिन ग्राहकों के लोन एमसीएलआर से जुड़े हैं, उनके ईएमआई का बोझ कम होगा। अगर लोन बेस रेट से जुड़ा है तो ऐसे ग्रहकों को अपने होम लोन को एमसीएलआर आधारित व्यवस्था में स्विच कराने पर विचार करना चाहिए।