नई दिल्ली। करीब पांच हजार करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आंध्रा बैंक के एक पूर्व निदेशक अनूप प्रकाश गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। मामला गुजरात की एक दवा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक से जुड़ा है। एक अधिकारी ने बताया कि गर्ग को शुक्रवार को दिनभर की पूछताछ के बाद मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय तथा सीबीआई-दोनों ही जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज आपराधिक केस में गर्ग का नाम बतौर आरोपी शामिल है। ईडी ने सीबीआई की एफआईआर को संज्ञान में लेकर अपनी कार्रवाई शुरू की है। उसका आरोप है कि जांच के क्रम में आयकर विभाग द्वारा दिसंबर 2011 में जब्त एक डायरी में "कुछ खास विवरण" हैं, जिसमें गर्ग को 2008-09 के बीच संदेसरा बंधुओं (दवा कंपनी के निदेशकों) द्वारा 1.52 करोड़ रुपए भुगतान दर्शाया गया है।