नई दिल्ली। भारत की सबसे अमीर हस्ती मुकेश अंबानी के छोटे भाई और अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी अरबपतियों के क्लब से बाहर हो गए हैं।

2008 में वह दुनिया के छठवें सबसे अमीर व्यक्ति थे। पिछले 11 वर्षों के दौरान उनकी संपत्ति तेजी से घटी है। दूसरी तरफ मुकेश अंबानी की संपत्ति में लगातार इजाफा हो रहा है।

17 जून को बाजार बंद होने तक अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की छह कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 6,196 करोड़ रुपए रह गया था, जो चार महीने पहले तक 8,000 करोड़ रुपए था।

इस वजह से ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की संपत्ति घटकर 1 अरब डॉलर से कम रह गई। उनकी संपत्ति और भी कम हो सकती है क्योंकि उन्होंने ग्रुप ने अपनी अधिकांश हिस्सेदारी बैंकों के पास गिरवी रखी है।

अनिल अंबानी ने 11 जून को कहा था कि उनके ग्रुप ने पिछले 14 महीनों के दौरान 35,000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज लौटाया है।

उन्होंने दावा किया है कि भविष्य में सभी देनदारियां समय पर चुका दी जाएंगी। अंबानी ने म्यूचुअल फंड ज्वाइंट वेंचर रिलायंस निप्पन लाइफ असेट मैनेजमेंट (आरएनएलएएम) में पिछले हफ्ते अपनी 42.88 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची है, जो ग्रुप के बाजार मूल्य में आई तेज गिरावट का एक प्रमुख कारण है।

आरकॉम के खिलाफ 57,382 करोड़ के दावे

रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के खिलाफ दावों का मूल्य बढ़कर कुल 57,382.5 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गई है।

इसमें रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की भी कुछ कंपनियों के दावे शामिल हैं। कंपनी ने इस संबंध में शेयर बाजार को जानकारी दी है।

कंपनी के अंतरिम समाधान पेशेवर प्रदीप कुमार सेठी ने कहा कि 8,189 करोड़ रुपए के नए दावों में से 30 करोड़ रुपए के दावे ही स्वीकार किए गए हैं। इस तरह कुल स्वीकृत दावों का मूल्य बढ़कर 49,223.88 करोड़ रुपए हो गया है।

नए दावों में रिलायंस समूह की कंपनियों के 7,000.63 करोड़ शामिल हैं। रिलायंस एचआर सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड के 3,368.95 करोड़, रिलायंस कैपिटल के 1,291.71 करोड़, रिलायंस कम्युनिकेशंस एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के 2,336.22 करोड़ रुपए और रिलायंस ग्लोबल कॉम के 3.75 करोड़ रुपए के दावे सौंपे हैं।