नई दिल्ली। आईटी कंपनी विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी का नाम कौन नहीं जानता। अपनी उपलब्धियों के लिए पहचाने जाने वाले अजीम प्रेमजी अब भारतीय के सबसे बड़े दानी बन गए हैं। उन्होंने अपनी कंपनी के करीब 34 फीसद शेयरों के आर्थिक लाभ अपने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के लिए आवंटित कर दिए।

जो शेयर उन्होंने दान किए हैं इन शेयरों का मूल्य 52,750 करोड़ रुपये है। ये शेयर प्रेमजी द्वारा नियंत्रित विभिन्न इकाइयों के हैं। इसके साथ ही फाउंडेशन के लिए प्रेमजी द्वारा आवंटित कुल कोष का आकार 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गया है। प्रेमजी इस फाउंडेशन के भी चेयरमैन हैं।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन देश में शिक्षा के क्षेत्र में काम करता है और अन्य गैर लाभकारी संस्थानों को कुछ खास क्षेत्रों में मदद भी करता है। इसके बाद अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने बयान में कहा, 'अजीम प्रेमजी ने अपनी निजी संपत्तियों का त्याग कर, उसे धर्मार्थ कार्य के लिए दान कर परोपकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाई है। जिससे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के परोपकार कार्यों को सहयोग मिलेगा।'

73 वर्षीय प्रेमजी ऐसे पहले भारतीय हैं जिन्होंने 'द गिविंग प्लेज इनीशिएटिव' पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल की शुरुआत बिल गेट्स और वॉरेन बफेट ने की थी। जिसके तहत अपनी 50 फीसदी संपत्ति परोपकारी कार्य के लिए देने का वादा किया जाता है।