कुंदन तिवारी, नोएडा। बिटकॉइन के काले कारोबार को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। वित्त मंत्रालय ने इसकी कमान अपने हाथ में ली है। मंत्रालय के निर्देश पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) और बैंक बिटकॉइन खरीदारों पर पैनी नजर रखकर उनकी लिस्ट तैयार कर रहे हैं। इसके बाद एक साथ उन पर कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्रालय में तैनात एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि देश से बाहर बिटकॉइन वैध है, लेकिन देश में इसको मान्यता नहीं है। पिछले दिनों बिटकॉइन को लेकर प्रारंभिक जांच की गई। इसमें पाया गया कि दो कंपनियां बिटकॉइन के कारोबार में लिप्त हैं। ऐप के जरिये वे इसकी खरीद-बिक्री करवा रही हैं। इसके एजेंट हर राज्य के प्रत्येक जिले में सक्रिय हैं। ऐसे में इन एजेंट्स की प्रत्येक गतिविधियों पैनी नजर रखी जा रही है, जिससे बिटकॉइन को लेकर कराई जा रही डील का आंकड़ा जुटाया जा सके।

रिपोर्ट आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम वित्त मंत्रालय को भेज रही है। जहां बिटकॉइन खरीदारों की संपत्तियों की गुपचुप तरीके से जांच कराई जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इसके जरिये कितना काला धन अब तक खपाया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में अब तक जिनके भी नाम शामिल हैं, उनकी गोपनीय तरीके से जांच भी शुरू कर दी गई है। विदेश में कारोबार करने वाले कुछ कारोबारियों से भी सहयोग लिया जा रहा है। यहीं नहीं भारी भरकम कमाई के बाद सीए द्वारा जिनकी रकम को पूंजी निवेश में खपाने का प्रयास किया जा रहा है, उस पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। उधर, ईडी यह देख रही है कहीं पूरा मामला हवाला कारोबार से तो नहीं जुड़ा है। इसके लिए भी लिक खंगाले जा रहे हैं।

निवेश को जा रही रकम की भी जांच शुरू

वर्चुअल करंसी बिटकॉइन में निवेश के लिए 18 लाख 65 हजार रुपये कहां से आए, इसकी जांच के लिए नोएडा पुलिस ने आयकर विभाग को रिपोर्ट भेज दी है। जब्त रकम अभी कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस के पास है। बिटकॉइन में निवेश के लिए जा रही रकम के पकड़े जाने का यह नोएडा में पहला मामला है। इस कारण पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। एएसपी अभिनंदन ने बताया कि 30 दिसंबर को ओखला बैराज के पास से चेकिग के दौरान कार सवार 6 युवकों के पास से 18 लाख 65 हजार रुपये बरामद हुए थे।

कार में दिल्ली, गुड़गांव, वसुंधरा (गाजियाबाद) के रहने वाले नरेंद्र वर्मा, गौरव, सौरभ, परमात्मा, सौरभ पावा व मुकेश कुमार थे। पुलिस ने सभी युवकों को हिरासत में लेकर नकदी को जब्त कर ली थी। पूछताछ में युवकों ने पुलिस को बताया कि वह इस रकम को बिटकॉइन में निवेश करने के लिए ले जा रहे थे। रकम गाजियाबाद के एक कारोबारी के यहां से लेकर आ रहे थे। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को इसकी सूचना के बाद सभी युवकों को छोड़ दिया गया।