नई दिल्ली। खुदरा व्यापारियों और उद्यमी अब जीएसटी और बैंकिंग का काम एक ही सॉफ्टवेयर पर कर सकेंगे। जीएसटी के लिए सॉफ्टवेयर प्रदान करने वाली मार्ग ईआरपी ने आईसीआईसीआई बैंक की मदद से खुदरा व्यापारियों और उद्यमियों को यह सुविधा एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई है।

दोनों कंपनियों के बीच हुई यह साझेदारी कनेक्टेड बैंकिंग को बढ़ावा देगी और आईसीआईसीआई बैंक के चालू खाताधारकों को मार्ग के ईआरपी सॉफ्टवेयर बैंक खाते के साथ सुरक्षित रूप से जोड़ेगी। इस प्रकार की सुविधा देने वाला यह देश का पहला सॉफ्टवेयर होगा। खुदरा व्यापारियों और उद्यमियों को इस सुविधा का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि कारोबार के अतिरिक्त बैंकिंग कामकाज में लगने वाले उनके समय की बचत होगी।

यह सॉफ्टवेयर कारोबारियों को उनके खाते का ब्यौरा भी देगा और खरीद-बिक्री संबंधी विवरण भी देगा। इसके लिए न तो उन्हें अलग-अलग सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने की आवश्यकता होगी और न ही अलग से बैंकों में समय नष्ट करना होगा।

मार्ग ईआरपी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक ठाकुर अनूप सिंह का मानना है कि अब देश के खुदरा व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को भुगतान की ऐसी सुुविधा उपलब्ध होगी जो पहले केवल बड़ी कंपनियों या कॉरपोरेट्स के लिए ही उपलब्ध होती है।

सिंह ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर का फायदा यह होगा कि अब कारोबारी और उद्यमी बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के अपने फंड फ्लो पर नियंत्रण रख सकेंगे। इससे डाटा एंट्री और एकाउंटिंग में मानवीय त्रुटि की संभावना खत्म हो जाएगी। इसके अतिरिक्त सभी बैंक लेनदेन स्वतः मार्ग ईआरपी से जुड़ जाएंगे जिसके बाद ईआरपी सॉफ्टवेयर खुद ब खुद बैंक स्टेटमेंट के साथ एकाउंट्स के आंकड़ों का मेल करा लेगा। यह सुविधा भुगतान और धन हस्तांतरण के कई विकल्प उपलब्ध कराएगी।

सिंह ने बताया कि यह दुनिया का एकमात्र सॉफ्टवेयर है जो कारोबारियों को इस तरह की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। आईसीआईसीआई बैंक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनूप बागची ने बताया कि यह पूरी तरह से सुरक्षित और धोखाधड़ी रहित चैक प्रणाली है। साथ ही ईआरपी के साफ्टवेयर के साथ साझेदारी में भुगतान के विकल्पों की सुरक्षा के भी पूरे उपाय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोई भी उद्यमी या कारोबारी बिना ओटीपी के किसी को भुगतान नहीं कर पाएगा।