नई दिल्ली। सरकार छोटी बचत योजनाओं में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) खातों को मेच्योरिटी से पहले बंद करने की सुविधा देने पर विचार हो रहा है। इसके अलावा अवयस्कों के नाम से छोटी बचत योजनाओं में खाते खोलने की भी अनुमति दी जा सकती है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने बताया कि वित्त विधेयक 2018 में छोटी बचत योजनाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से बदलाव प्रस्तावित हैं। मंत्रलय ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें पीपीएफ खातों पर मिलने वाले फायदे खत्म होने का दावा किया गया है।

मंत्रालय के मुताबिक, जमाकर्ताओं को मिलने वाली कोई भी सुविधा नहीं छीनी जाएगी। बदलावों के बाद उन्हें कुछ अतिरिक्त सुविधाएं भी मिल सकेंगी। सरकार गवर्नमेंट सेविंग्स सर्टिफिकेट्स एक्ट, 1959 और पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक्ट, 1968 को गवर्नमेंट सेंविंग्स बैंक्स एक्ट, 1873 में समाहित करने की तैयारी में है।

मंत्रालय ने कहा कि प्रस्ताव का मुख्य लक्ष्य एक ऐसा कानून बनाना है, जिससे जमाकर्ताओं के लिए प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके। उन्हें अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग-अलग नियमों और कानूनों से नहीं गुजरना पड़े।

मंत्रालय का कहना है कि मेच्योरिटी से पहले पैसे निकालने की यह सुविधा मेडिकल इमरजेंसी और उच्च शिक्षा के लिए अचानक पड़ने वाली जरूरतों में खाताधारक के लिए मददगार होगी। इसके अलावा यह प्रस्ताव भी किया गया है कि अभिभावक अवयस्कों के नाम पर छोटी बचत योजनाओं में खाता खुलवाकर पैसा जमा करा सकेंगे।