नई दिल्ली। चैक बुक और एटीएम से धन निकासी जैसी मुफ्त बैंकिंग सेवाएं जीएसटी के दायरे से बाहर रह सकती हैं। यह जानकारी वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है। वित्तीय सेवा विभाग ने बैंकों द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली मुफ्त सेवाओं पर जीएसटी लगाने के सवाल पर व्याप्त शंकाओं को दूर करने के लिए राजस्व विभाग से संपर्क किया है। अधिकारी के अनुसार इस बात की संभावना है कि राजस्व विभाग मुफ्त बैंकिंग सेवाओं पर जीएसटी देय न होने की तर्क मान सकता है।

मुफ्त सेवाओं पर जीएसटी न दिए जाने को लेकर बैंकों को नोटिस जारी किए गए थे। इसे बाद वित्तीय सेवा विभाग ने राजस्व विभाग से स्पष्टीकरण के लिए संपर्क किया। वित्तीय सेवा विभाग का मानना है कि बैंकों की निश्चित सीमा तक मुफ्त सेवाएं वाणिज्यिक गतिविधियां नहीं हैं, इसलिए इन पर जीएसटी लागू नहीं होता है। इंडियन बैंक एसोसिएशन (आइबीए) ने भी बैंक प्रबंधन की ओर से कर अधिकारियों से संपर्क किया है। कर अधिकारियों ने बैंकों को 2012 से 2017 की अवधि के सर्विस टैक्स के लिए बैंकों को नोटिस भेजा है। इन अधिकारियों का मानना है कि बैंक मुफ्त सेवाएं नहीं दे रहे हैं बल्कि वे बैंक खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने की शर्त लगाकर ग्राहकों से अप्रत्यक्ष चार्ज ले रहे हैं। बैंकों ने मुफ्त सेवाओं के लिए न्यूमतम बैलेंस के स्लैब भी बनाए हुए हैं।