नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल ने गुरुवार की बैठक में छोटे कारोबारियों के हित में बड़ा फैसला किया। सालाना 40 लाख रुपए तक के टर्नओवर वाले कारोबार को जीएसटी से छूट दे दी गई है। अब तक यह सीमा 20 रुपए थी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

छोटे राज्यों के लिए यह छूट 10 लाख से बढ़कर 20 लाख रुपए कर दी गई है। इस रियायत के कारण लाखों छोटे कारोबारी जीएसटी के दायरे से बाहर हो जाएंगे। ऐसे कारोबारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन के झंझट से मुक्ति मिल गई है। इसके अलावा कंपोजिशन स्कीम की सीमा भी 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए कर दी गई है। नई कम्पोजिशन स्कीम 1 अप्रैल, 2019 से लागू होगी।

जीएसटी काउंसिल की 32वीं बैठक में हुए फैसले की जानकारी देते हुए जेटली ने कहा कि अब सालाना 1.5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारी कंपोजिशन स्कीम का फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेने वाले कारोबारियों के लिए रिटर्न फाइलिंग आसान बनाई गई है।

उन्हें साल में केवल एक बार रिटर्न फाइल करना होगा। हालांकि इन छोटे कारोबारियों को तिमाही आधार पर टैक्स भरना होगा। पहले कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेने वाले कारोबारियों को तिमाही रिटर्न भी फाइल करना पड़ता था। जेटली ने बताया कि सर्विस सेक्टर के लिए कंपोजिशन स्कीम की सीमा 50 लाख रुपए कर दी गई है। इन पर 6 प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा।

आपदा सेस की अनुमति

जीएसटी काउंसिल ने केरल को 2 साल के लिए 1 प्रतिशत आपदा सेस (उपकर) लगाने की मंजूरी दे दी है। इस तरीके से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल बढ़ प्रभावित इलाकों की हालत सुधारने में किया जाएगा।

राजस्व बढ़ने पर रेट कट संभव

जीएसटी की दर कम करने पर फिलहाल फैसला नहीं किया गया है। इस बारे में जेटली ने कहा कि जीएसटी से सरकार की आय बढ़ने की स्थिति में आगामी दिनों में टैक्स कटौती पर फैसला किया जा सकता है।

निर्माणाधीन फ्लैट, लॉटरी पर टैक्स का फैसला टला

जेटली ने बताया कि निर्माणाधी प्रोजेक्ट के फ्लैट और मकान पर जीएसटी की दर घटाने का निर्णय फिलहाल टाल दिया गया है। इसके लिए एक समिति बनाई गई है। जीएसटी काउंसिल में रियल एस्टेट और लॉटरी पर जीएसटी को लेकर मतभेद सामने आने के बाद इस पर विचार करने के लिए लिए मंत्रियों का समूह बनाया गया है।

जीएसटी काउंसिल के बड़े फैसले

- जीएसटी से छूट की सीमा सालाना टर्नओवर 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपए की गई

- कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए की गई

- कंपोजिशन स्कीम वाले कारोबारियों को साल में तीन बार की जगह एक बार रिटर्न फाइल करना होगा

- केरल को 2 साल के लिए 1 प्रतिशत आपदा सेस लगाने की मंजूरी