हरिकिशन शर्मा, नई दिल्ली। भारत में करोड़पतियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। चालू वित्त वर्ष में फरवरी तक 98,827 लोगों ने अपनी आय एक करोड़ रुपये से अधिक दिखाते हुए आयकर रिटर्न दाखिल किया है। माना जा रहा है कि सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक कमाने वाले व्यक्तियों की संख्या जल्द ही एक लाख का आंकड़ा छू सकती है।

आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में फरवरी तक कुल 6.39 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल हुए हैं जिसमें से 1.72 करोड़ रिटर्न ऐसे हैं, जिसमें सालाना आय एक करोड़ रुपये अधिक दिखाई गई है। इसमें व्यक्तिगत करदाताओं के साथ-साथ कंपनियां भी शामिल हैं।

एक साल में लगभग 25 प्रतिशत बढ़े

विभाग के मुताबिक सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक आय दिखाने वाले करदाताओं में 98,827 व्यक्तिगत करदाता हैं। खास बात यह है कि पिछले वित्त वर्ष में फरवरी तक कुल 74,460 व्यक्तिगत करदाताओं ने अपनी वार्षिक आय एक करोड़ रुपये से अधिक दिखाते हुए आयकर रिटर्न दाखिल किया था। इस तरह महज एक साल में ही करोड़पति करदाताओं की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो वित्त वर्ष के पूरा होने तक करोड़पति करदाताओं की संख्या एक लाख का आंकड़ा छू जाएगी।

नोटबंदी जैसे फैसलों के बाद अमीरों की संख्या में दिखी बढ़ोतरी

देश में करोड़पति करदाताओं की संख्या ऐसे समय बढ़ी है जब हाल के वर्षों में सरकार ने टैक्स बेस बढ़ाने के लिए कई कठोर कदम उठाए हैं। इन कदमों में नोटबंदी जैसा ऐतिहासिक निर्णय भी शामिल है जिसमें सरकार ने आठ नवंबर 2016 को पांच सौ रुपये और एक हजार रुपये के नोट को बंद करने का फैसला किया था।

इसके बाद आयकर विभाग ने बैंकों में जमा हुए कैश के आधार पर कई लाख लोगों को पत्र भेजा। आयकर रिटर्न असेसमेंट ईयर के आधार पर दाखिल किया जाता है। फिलहाल जो वित्त वर्ष चल रहा है वह असेसमेंट ईयर 2018-19 है। ऐसे में उपलब्ध आंकड़ों से यह स्पष्ट नहीं है कि चालू वित्त वर्ष में फरवरी तक दाखिल सभी आयकर रिटर्न असेसमेंट ईयर 2018-19 से ही संबंधित हैं या इसमें पुराने असेसमेंट ईयर के लिए दाखिल किए गए कुछ रिटर्न भी शामिल हैं।