वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत से आधार जैसे बड़े पहचान कार्यक्रम में निजता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी कदम उठाने के लिए कहा है। वैश्विक वित्तीय निकाय ने भारत को बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली में लीडर माना है। डिजीटल गवर्नमेंट पर आईएमएफ ने अपनी वित्तीय निगरानी रिपोर्ट में कहा है डिजीटलाइजेशन से मजबूत संचालन और वित्तीय पारदर्शिता लाई जा सकती है।

आईएमएफ ने एक दिन पहले गुरुवार को कहा था कि भारत में बायोमेट्रिक पहचान और इलेक्ट्रानिक भुगतान से एलपीजी सब्सिडी में अब कम चूक हो रही है। हस्तांतरण या गलत भुगतान में कमी आई है। डिजीटलाइजेशन से नकद हस्तांतरण में 0.2 से 21 फीसद और गलत भुगतान में 11 से 24 फीसद की बचत होने का अनुमान है। एलपीजी सब्सिडी योजना में आधार के इस्तेमाल के बाद एलपीजी सब्सिडी का खर्च कम हो गया है।

आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 1.2 अरब नागरिक बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली आधार में पंजीकृत हैं। इस क्षेत्र में यह देश लीडर की तरह खड़ा है। आइएमएफ ने जोर देकर कहा है कि सरकार को निजता और सुरक्षा नियंत्रण सुनिश्चित करने के आवश्यक कदम उठाने चाहिए।