नई दिल्ली। नवंबर में थोक भाव के हिसाब से महंगाई (डब्ल्यूपीआई) बढ़ने की दर शून्य प्रतिशत रह गई। अक्टूबर में 1.77 प्रतिशत के हिसाब से चीजों के थोक भाव बढ़े थे।

संभवतः यह पहला मौका है जब थोक भाव के आधार पर महंगाई दर बिलकुल 0.0 प्रतिशत पर आई है। इससे पहले जुलाई 2009 में इस किस्म की महंगाई शून्य से 0.3 प्रतिशत नीचे आ गई है।

पिछले माह खाने-पीने की चीजों की महंगाई में अच्छी-खासी गिरावट आई। नवंबर में खाने-पीने की चीजों के थोक भाव महज 0.63 प्रतिशत बढ़े। अक्टूबर में यह दर 2.7 फीसद रही थी। पिछले माह प्राइमरी आर्टिकल्स के थोक भाव 0.98 फीसद घटे। अक्टूबर में इन चीजों की थोक महंगाई 1.48 फीसद के हिसाब से बढ़ी थी।

नवंबर में ईंधन और ऊर्जा की थोक कीमतें बढ़ने के बजाए 4.91 फीसद घट गईं। अक्टूबर में इनके थोक भाव 0.4 फीसद बढ़े थे। पिछले माह कारखानों में तैयार चीजों की थोक महंगाई दर 2.43 से घटकर 2.04 फीसद रह गई। इस दौरान गैर-खाद्य वस्तुओं के थोक भाव 3.65 फीसद घटे। अक्टूबर में इन चीजों की कीमतों में 1.41 फीसद गिरावट आई थी।