नई दिल्ली। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस के स्वतंत्र निदेशक रवि वेंटकेशन ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने एक बयान में बताया कि वेंकटेशन यह जिम्मेदारी छोड़कर नए अवसर पर काम करना चाहते हैं।

वेंकटेशन ने कहा, "मैंने इन्फोसिस का निदेशक मंडल उस समय ज्वाइन किया था जब कंपनी पेचीदा बदलाव के दौर से गुजर रही थी। कंपनी संस्थापकों का नेतृत्व छोड़कर पेशेवर प्रबंधकों के मार्गदर्शन में काम करने लगी। इस तरह का बदलाव समूचे उद्योग में इस दौरान हुआ। हमें खुशी है कि मिशन पूरा हो गया है। अब इन्फोसिस मजबूत और अच्छे हाथों में है और विकास की राह में तेजी से आगे बढ़ रही है।"

कंपनी में 2011 से स्वतंत्र निदेशक वेंकटेशन कुछ समय के लिए को-चेयरमैन भी रहे थे। उनके बाद अगस्त 2017 में नंदन नीलेकणि चेयरमैन बन गए। गौरतलब है कि इन्फोसिस के सह संस्थापक और एन. आर. नरायणमूर्ति व दूसरे संस्थापकों और पूर्व प्रबंधन के बीच अधिकारियों को वेतन और कॉरपोरेट गवर्नेंस पर काफी विवाद रहा। इसके बाद तत्कालीन सीईओ विशाल सिक्का ने अनायास इस्तीफा दे दिया। इस साल जनवरी में सलिल पारेख नए सीईओ बन गए।