मुंबई। नकदी के संकट से जूझ रही निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज ने बुरे वक्त में एक बार फिर अपनी सहयोगी एतिहाद से मदद मांगी है। घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि नरेश गोयल नियंत्रित जेट एयरवेज ने अबू धाबी स्थित एतिहाद एयरवेज से आसान शर्तों पर 35 करोड़ डॉलर (लगभग 2,500 करोड़ रुपये) का कर्ज मांगा है।

इसके बदले कंपनी एतिहाद को अतिरिक्त शेयर की भी पेशकश करेगी। हालांकि सूत्र का यह भी कहना है कि एतिहाद ज्यादा से ज्यादा 20 करोड़ डॉलर (करीब 1,425 करोड़ रुपये) तक की मदद करने को तैयार है। लेकिन इस पूरे मसले पर उसने अभी अंतिम फैसला नहीं किया है।

मामले पर जेट एयरवेज और एतिहाद दोनों ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। पिछले महीने जेट एयरवेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने कहा था कि कंपनी पूंजी जुटाने के लिए कई निवेशकों से बातचीत कर रही है। वर्ष 2013 में ऐसे ही मुश्किल वक्त में एतिहाद एयरवेज ने जेट एयरवेज में 2,060 करोड़ रुपये निवेश के माध्यम से उसकी 24 फीसद हिस्सेदारी खरीदी थी।

इसके अलावा उसने कंपनी को कम ब्याज दर पर 15 करोड़ डॉलर का कर्ज भी दिया था और जेट के लॉयल्टी प्रोग्राम जेट प्रिविलेज में 50.1 फीसद हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया था। गौरतलब है कि इस वर्ष सितंबर के आखिर में जेट एयरवेज पर 8,052 करोड़ रुपये का कर्ज था।

कंपनी पिछले तीन महीनों से वरिष्ठ कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है। वेतन नहीं मिलने से नाराज कई पायलटों ने इसी सप्ताह बीमारी का बहाना बनाकर काम पर आने से इन्कार कर दिया था। इससे जेट को 14 उड़ानें रद करनी पड़ी थीं।