सिंगापुर। वित्तीय समस्याओं से जूझ रही प्राइवेट एयरलाइन जेट एयरवेज ने अपने लेनदारों को प्रस्ताव दिया है कि वह उनके बकाए का भुगतान सितंबर तक कर देगी। इसके अलावा अप्रैल से आगे के सभी भुगतान तय समय पर किए जाएंगे।

यह जानकारी एक दस्तावेज से मिली है। जेट एयरवेज में हुए ताजा घटनाक्रम से सीधे जुड़े दो सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी दी कि एयरलाइन ने मंगलवार को कर्जदाताओं, वेंडरों और विमान किराए पर देने वालों के साथ बैठक की और अपनी वित्तीय स्थिति और कर्जों के पुनर्भुगतान की योजना पर चर्चा की।

एयरलाइन ने इस पर टिप्पणी करने के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है। रेटिंग एजेंसी इकरा ने दो जनवरी को जारी अपने नोट में बताया कि जेट को अगले कुछ वर्षों में 1700 करोड़ रुपये के कर्जों का पुनर्भुगतान करना है। इनमें से कुछ भुगतान इस साल मार्च तक ही करने हैं।

एयरलाइन ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई वाले बैंकों के कंसोर्टियम को 31 दिसंबर तक कर्ज का भुगतान करने में नाकाम रही। इसके बाद इकरा ने जेट की रेटिंग घटा दी। उसके शेयर में भी गिरावट दर्ज की गई। करीब ढाई दशक पहले शुरू हुई प्राइवेट एयरलाइन जेट पर पायलट, विमान किराए पर देने वालों और वेंडरों का भी भुगतान बाकी है।

बीते साल एविएशन सेक्टर में कड़ी स्पर्धा, कमजोर रुपये और महंगे ईंधन के चलते उसकी वित्तीय स्थिति बिगड़ गई। जेट ने पिछले सप्ताह कहा था कि कर्ज के ब्याज और मूल की किस्त समय पर चुकाने में वह नाकाम रही क्योंकि नकदी प्रवाह देनदारी के मुकाबले कम था।

उसने किस्त की राशि का विवरण नहीं दिया था। लेनदारों के समक्ष दिए गए प्रजेंटेशन में जेट ने समाधान योजना पेश की है जिसमें कहा गया कि दिसंबर, जनवरी और फरवरी में कई बार में देय भुगतान अप्रैल से सितंबर के बीच किए जाएंगे।