नई दिल्ली। जेट एयरवेज की दिक्कतें थमने का नाम नहीं ले रही है। जेट एयरवेज को 1,500 करोड़ रुपये की आपात मदद मुहैया कराने को लेकर सोमवार को भी कोई फैसला नहीं हो सका। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई वाला बैंकों के समूह की बैठक इस मामले को लेकर बेनतीजा रही। मंगलवार को इस मसले पर फिर से बैठक होगी। इसे देखते हुए जेट एयरवेज ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक की अवधि को अब इस सप्ताह शुक्रवार तक बढ़ाने की घोषणा की है।

इस बीच, जेट एयरवेज के पायलटों ने मुंबई स्थित मुख्यालय में एकत्र होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 20 हजार कर्मचारियों की नौकरी का हवाला देकर जेट एयरवेज को संकट से निकालने की गुहार लगाई है। जेट एयरवेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने एक आंतरिक संदेश में कहा कि आपात फंडिंग के बारे में बैंक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। लिहाजा वे मंगलवार को भी बैठक करेंगे। इसे देखते हुए अब हमने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुक्रवार तक रद्द करने का निर्णय लिया है। हम आपको वस्तुस्थिति से लगातार अवगत कराते रहेंगे।

एसबीआई की अगुआई वाले बैंकों के समूह ने 25 मार्च को जेट एयरवेज के लिए कर्ज समाधान योजना को मंजूरी दी थी। इसके मुताबिक जेट को 1,500 करोड़ रुपये का कर्ज देने तथा बदले में उसकी बहुमत इक्विटी हासिल करने का निर्णय लिया था। इसी के बाद संस्थापक चेयरमैन नरेश गोयल तथा उनकी पत्नी अनिता गोयल की इक्विटी घटकर 25 फीसद रह गई थी और दोनों को जेट के बोर्ड से इस्तीफा देना पड़ा था, परंतु बैंकों ने अब तक सिर्फ 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इसके चलते जेट न तो कर्मचारियों को वेतन दे पा रही है और न विमानों के लिए ईंधन का इंतजाम कर पा रही है।

इस समय जेट के महज सात विमान घरेलू उ़ड़ाने भर रहे हैं। फंड मिलने की उम्मीद में पायलटों, इंजीनियरों और अधिकारियों ने 15 अप्रैल से प्रस्तावित अपनी हड़ताल को फिलहाल टाल दिया है। इस बीच सोमवार सुबह को मुंबई में जेट एयरवेज के पायलटों, इंजीनियरों, केबिन क्रू सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों ने नेशनल एविएटर्स गिल्ड 'नाग' के बैनर तले एयरलाइन के सिरोया सेंटर स्थित मुख्यालय में एकत्र होकर कंपनी को बचाने के लिए सभी पक्षों से सहयोग की अपील की।

एक तरफ उन्होंने एसबीआई से 1,500 करोड़ रुपये की आपात सहायता राशि तुरंत जारी करने की अपील की। दूसरी तरफ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर 20,000 लोगों की नौकरी के लिए एयरलाइन को बचाने की गुहार लगाई। इस मौके पर नाग के वाइस प्रेसिडेंट आदिम वालियानी ने कहा कि हम एसबीआई से 1,500 करोड़ रुपये की राशि जारी करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एयरलाइन की 20 हजार नौकरियां बचाने की अपील भी करना चाहते हैं।

उधर जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के बारे में सूचना मिली है कि उन्होंने 12 अप्रैल को आखिरी वक्त में जो एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) बोली लगाई थी, वह गोयल की जनरल सेल्स एजेंसी जेटएयर प्रा. लि. की ओर से लगाई गई थी और उसे डेलावेयर की कंपनी फ्यूचर ट्रेंड कैपिटल का समर्थन हासिल है।

जेटएयर की स्थापना 1974 में विश्व की 17 एयरलाइंस कंपनियों ने मिलकर की थी, जबकि जेट एयरवेज की स्थापना 1993 में हुई थी। जेटएयर की बोली में फ्यूचर ट्रेंड के अलावा लंदन की फर्म आदि पार्टनर्स के सहयोग की भी खबर है। एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार भी ये स्पष्ट कर चुके हैं कि नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति जेट एयरवेज के लिए बोली लगा सकता है। बस शर्त इतनी है कि वो वित्तीय निवेशक अथवा एयरलाइन उद्योग से होना चाहिए। इनमें नरेश गोयल शामिल हैं।