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    सहारा की संपत्तियां खरीदने को कई उद्योग घराने इच्छुक

    Published: Wed, 19 Apr 2017 11:59 PM (IST) | Updated: Thu, 20 Apr 2017 11:29 AM (IST)
    By: Editorial Team
    sahara-group 19 04 2017

    नई दिल्ली। देश के कई बड़े उद्योग समूह जैसे टाटा, गोदरेज, अडानी और पतंजलि ने सहारा की 30 संपत्तियां खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। नीलामी से बिकने वाली इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 7400 करोड़ रुपए है।

    नीलामी प्रक्रिया के जानकार सूत्रों ने बताया कि सहारा की ज्यादातर संपत्तियों में जमीनें हैं। इनकी नीलामी रियल एस्टेट कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक इंडिया कर रहा है। इस नीलामी में ओमेक्स और एल्डेको समेत कई रियल्टी कंपनियों और एचएनआइ यानी बड़े निवेशकों ने भी रुचि दिखाई है।

    सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल भी जमीन खरीदने की इच्छुक है। इसके अलावा चेन्नई के अपोलो हॉस्पीटल ने लखनऊ का सहारा हॉस्पीटल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। सूत्रों के अनुसार जल्दी सौदे करने की सहारा समूह की विवशता के चलते बिक्री प्रक्रिया और मूल्यांकन प्रभावित हो सकता है।

    सहारा को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक कम समय में जमीन बेचने का सौदा करके पैसा सेबी को जमा कराना है। सभी इच्छुक खरीदार सौदे करने के लिए दो-तीन माह का समय मांग रहे हैं। आमतौर पर बड़े मूल्य के रियल्टी सौदे होने में इतना समय लगना आम बात है।

    संपर्क किए जाने पर सहारा ग्रुप के प्रवक्ता ने संभावित खरीदारों के नाम बताने से इन्कार कर दिया। हालांकि उसने कहा कि सौदे के लिए प्रक्रिया चल रही है और जल्दी ही यह पूरी हो जाएगी। इसका विवरण सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दिया गया है।

    गोदरेज प्रॉपर्टीज के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन पिरोजशा गोदरेज ने कहा कि हम पुणे की एक जमीन खरीदना चाहते हैं। इसके लिए नाइट फ्रैंक बिडिंग प्रोसेस कर रहा है। यह अभी शुरुआती अवस्था में है।

    ओमेक्स के सीएमडी रोहतास गोयल ने भी इस बात की पुष्टि की कि उनकी कंपनी कुछ संपत्तियां खरीदने में इच्छुक है।

    एल्डेको के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज बजाज ने कहा कि उनकी कंपनी भी कुछ संपत्तियों में दिलचस्पी रखती है लेकिन अभी इसका विवरण नहीं दिया जा सकता है।

    अपोलो हॉस्पीटल्स ने लखनऊ में सहारा का अस्पताल खरीदने लिए कदम आगे बढ़ा दिये हैं। अभी इसका मूल्यांकन किया जा रहा है। टाटा समूह ने इस मसले पर कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। अडानी समूह और पतंजलि की ओर से सवाल पर कोई जवाब नहीं मिला।

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