नई दिल्ली। एपल कंपनी अपने यहां निर्मित पहले लॉट के कंप्यूटरों की ऑनलाइन नीलामी गुरुवार से शुरू करेगी। कंपनी ने साल 1976 में 200 'एपल-1' कंप्यूटरों का निर्माण किया था।

उम्मीद जताई जा रही है कि यह चार लाख से साढ़े छह लाख अमेरिकी डॉलर यानी 2.81 करोड़ से 4.56 करोड़ भारतीय रुपये में बेचा जाएगा।

'एपल-1' का निर्माण कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स और स्टीव वोजनियाक ने किया था। उनके पास पूरी तरह असेंबल मदरबोर्ड से लैस पहले निजी कंप्यूटर के निर्माण का आइडिया था।

'एपल-1' सिस्टम के साथ केसिंग, पावर सप्लाई, कीबोर्ड या मॉनिटर नहीं था, लेकिन इसके साथ प्री-असेंबल मदरबोर्ड था जो इसे औरों से अलग करता था।

इसकी शुरुआती कीमत 666.66 डॉलर रखी गई थी, जो वर्ष 1977 में घटकर 475 डॉलर रह गई थी। इस साल के अंत में 'एपल-2' की लांचिंग हुई। इसके बाद 'एपल-1' की बिक्री पर ज्यादा जोर नहीं दिया गया।

अक्टूबर 1977 में जॉब्स और वोजनियाक ने 'एपल-1' का उत्पादन बंद करने की आधिकारिक घोषणा की।

इसके बाद 'एपल-1' के मालिकों को इसे लौटाने के लिए प्रेरित करते हुए छूट की भी घोषणा की गई। जो सिस्टम वापस किए गए उन्हें खत्म कर दिया गया, जबकि करीब आधे बचे रहे।