मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 फीसद कटौती किए जाने के पक्ष में वोट दिया।

इसी महीने मौद्रिक नीति समिति की मौद्रिक समीक्षा बैठक के जारी ब्योरे में यह बात कही गई। डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने हालांकि यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में मतदान किया था।


आरबीआइ जिस दर पर वाणिज्यिक बैंकों को कर्ज देता है, उसे रेपो दर कहते हैं। एक अन्य सदस्य चेतन घाटे ने भी रेपो दर में कटौती के विरोध में मतदान किया था।

एमपीसी के चार सदस्यों ने रेपो दर में 25 आधार अंक कटौती किए जाने के पक्ष में मतदान किया था। आरबीआइ ने चालू मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा इस महीने चार तारीख को की थी।

समीक्षा में महंगाई दर कम रहने का लाभ उठाते हुए रेपो दर को 0.25 फीसद घटाकर 6 फीसद कर दिया गया था। यह एक साल की न्यूनतम दर है।

आरबीआइ ने लगातार दूसरी बार रेपो दर में कटौती करने का फैसला लिया है।