नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) ने शैक्षणिक तकनीक प्रदाता कंपनी इंडिविजुअल लर्निंग प्राइवेट लिमिटेड (इंबाइब) में 73 फीसद हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। कंपनी अगले तीन वर्षों में इंबाइब में 18 करोड़ डॉलर (1,175 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी।

इसमें कंपनी के शेयर खरीदने पर किया गया निवेश शामिल होगा। आरआइएल ने नियामक को दी जानकारी में बताया कि कंपनी ने इस सप्ताह गुरुवार को इंबाइब के 34,33,767 शेयर नकद खरीदने संबंधी करार किया है। कंपनी के इतने शेयर उसकी 72.69 फीसद हिस्सेदारी के बराबर हैं।

सौदे के बाद रिलायंस जियो के निदेशक आकाश अंबानी ने कहा, "यह सौदा भारत में तेजी से विकास कर रहे शिक्षा क्षेत्र के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराता है। कंपनी का मकसद तकनीक के उपयोग के जरिये ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक शिक्षा की पहुंच बनाना है।" उन्होंने कहा कि कंपनी इस सौदे के बाद तकनीक के जरिये 19 लाख विद्यालयों और 58,000 विश्वविद्यालयों तक पहुंच बनाना चाहती है। गौरतलब है कि इंबाइब की स्थापना अगस्त, 2012 में हुआ था और वर्तमान में कंपनी के नेटवर्क से 60 शैक्षणिक संस्थान जुड़े हुए हैं।

जापानी बैंकों से जियो जुटाएगी 3,250 करोड़ रुपये-

आरआइएल नियंत्रित टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो कर्ज के रूप में जापानी बैंकों से 50 करोड़ डॉलर (3,250 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी एमयूएफजी (पूर्व में बैंक ऑफ टोक्यो-मित्सुबिशी यूएफजे), मिजुहो बैंक और सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन से यह रकम जुटाना चाहती है। पिछले महीने रिलायंस जियो के निदेशक बोर्ड ने कंपनी को कर्ज के रूप में 20,000 करोड़ रुपये जुटाने की अनुमति दे दी थी।