मुंबई। सस्ती हवाई सेवा देने वाली प्राइवेट एयरलाइन स्पाइसजेट का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 77 फीसद घटकर 55 करोड़ रुपये रह गया। कच्चे तेल के मूल्य में तेजी और रुपये में गिरावट से स्पाइसजेट के मुनाफे में भारी गिरावट आई है।

एयरलाइन के बयान के अनुसार पिछले साल इसी तिमाही में उसे 240 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। मुनाफे में गिरावट के विपरीत उसकी आय बढ़कर 2530.8 करोड़ रुपये हो गई। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसकी आय 2096.1 करोड़ रुपये रही थी।

आलोच्य तिमाही में यात्रियों की संख्या आठ फीसद बढ़ने के कारण उसके मुनाफे में गिरावट सीमित हो गई। इस दौरान कच्चे तेल में तेजी से उसकी लागत 34 फीसद बढ़ गई। रुपये में 11 फीसद की गिरावट का भी उसके प्रदर्शन पर असर पड़ा।

स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि हवाई ईंधन में तेजी और रुपये में गिरावट से एयरलाइन की लागत अत्यधिक बढ़ गई लेकिन बेहतर राजस्व और अन्य खर्चों पर कड़े नियंत्रण के चलते हमारा प्रदर्शन ठीक रहा। आर्थिक हालात में सुधार और किफायती ईंधन खर्च वाले मैक्स एयरक्राफ्टों का इस्तेमाल बढ़ने से हमारा प्रदर्शन बीते वर्ष के मुकाबले अच्छा रहेगा।

उन्होंने कहा कि सरकारी रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम उड़ान में स्पाइसजेट ने आगे बढ़कर हिस्सेदारी की है। उसने नए रूटों पर सेवाएं शुरू की है। इसके अलावा नई पीढ़ी के 737 मैक्स विमानों से उसकी लागत घटेगी और क्षमता ज्यादा होने से उसका मार्जिन बढ़ेगा। एविएशन में अनेक दिक्कतें होने के बावजूद हमें भविष्य के प्रति काफी उम्मीदें हैं। हम क्षमता बढ़ा रहे हैं ताकि नई मांग को पूरा कर सकें। स्पाइसजेट को उड़ान के तहत तीसरे दौर की नीलामी में 36 नए रूट मिले हैं। तीसरी तिमाही में उड़ान की 10 फ्लाइटों समेत कुल 54 नई उड़ानें शुरू की गई हैं।