मुंबई। पेटीएम मॉल पर ग्राहकों का भरोसा कमजोर हुआ है। जनवरी 2019 में पेटीएम के ऑनलाइन मार्केट प्लेस पर ट्रैफिक घटकर हर माह 50 लाख रह गई, जो अक्टूबर 2018 के 4.5 करोड़ विजिटर प्रति माह की तुलना में 88 प्रतिशत कम है। बिजनेस के लिए वेब एनालिटिक्स सर्विसेज मुहैया कराने वाली न्यूयॉर्क की वेबसाइट सिमिलरवेब ने यह दावा किया है।

दरअसल, पेटीएम मॉल ने 10 करोड़ रुपए से ज्यादा के कैशबैक फ्रॉड का पता लगाया है। कंपनी के मुताबिक इसमें कर्मचारियों और विक्रेताओं की भूमिका रही है। अलीबाबा की फंडिंग से चल रही कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने तीसरे पक्ष के वेंडरों के साथ सांठगाठ करके फर्जी आर्डरों के जरिए कैशबैक इधर-उधर किया।

सूत्रों के मुताबिक यही वजह है कि कंपनी ने 'बीटूबी' (बिजनेस टू बिजनेस) मॉडल का कारोबार कम करने का फैसला किया है। इसकी जगह कंपनी 'ओटूओ' (ऑनलाइन टू ऑफलाइन) रणनीति पर फोकस बढ़ा रही है।

दीवाली बाद का मामला

बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी सामने आने के बाद कंपनी ने 10 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है और 100 विक्रेताओं को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।

पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी को संभावित घोटाले के बारे में दीवाली के बाद तब पता चला, जब देखा गया कि कुछ विक्रेताओं को त्योहारों के सीजन में दिए गए कैशबैक ऑफर में से ज्यादा प्रतिशत हासिल हो रहा है।

जांच में ईवाई की मदद

कंपनी ने छोटे दुकानदारों और विक्रेताओं को कुल कैशबैक का बड़ा हिस्सा मिलने की जांच कराई, जिसके बाद यह धोखाधड़ी सामने आई। शर्मा ने कहा, 'हमने ऑडिटरों को इस मामले की अधिक गहराई से जांच करने के लिए कहा।' कंपनी ने इसके लिए सलाहकार फर्म ईवाई की सेवाएं लीं।

जांच में सामने आया कि कंपनी के कुछ कनिष्ठ कर्मचारियों ने विके्रताओं के साथ सांठगाठ की। शर्मा ने कहा कि यह धोखाधड़ी दो अंको में यानी निश्चित तौर पर 10 करोड़ रुपए से अधिक की है।

कैशबैक मॉडल पर भरोसा

शर्मा ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों और विक्रेताओं को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा, 'हमने यह सुनिश्चित किया है कि प्लेटफॉर्म पर केवल ब्रांड विके्रता रहें।'

उन्होंने कहा कि ऐसे कड़े कदमों से विक्रेताओं की संख्या तो कम हुई है, लेकिन हमारे उपभोक्ताओं को बेहतर सिस्टम मिल सकेगा। मुफ्त में सुविधाएं देने के कारोबारी मॉडल के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि कैशबैक मॉडल टिकने वाला है।