नई दिल्ली। सब्जियों सहित अन्य खाद्य वस्तुएं सस्ती होने से फरवरी में थोक महंगाई दर घटकर 2.48 फीसद के स्तर पर आ गई है। यह बीते सात माह का न्यूनतम स्तर है। थोक महंगाई दर पिछले साल फरवरी में 5.51 फीसद तथा इस साल जनवरी में 2.84 फीसद रही थी। इससे पूर्व थोक महंगाई दर का न्यूनतम स्तर 1.88 फीसद पिछले साल जुलाई में था। हालांकि महंगाई आगे भी नियंत्रित रहे, इसके लिए सरकार को अर्थव्यवस्था में आपूर्ति बेहतर करने के उपाय जारी रखने होंगे।

वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार थोक महंगाई दर में गिरावट खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी की वजह से आई है। फरवरी में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 0.88 फीसद रही, जबकि यह पिछले साल फरवरी में 2.55 फीसद तथा इस साल जनवरी में तीन फीसद थी। सब्जियों की महंगाई दर फरवरी में घटकर 15.26 फीसद रह गई है, जबकि पिछले साल समान महीने में यह -0.8 फीसद तथा इस साल जनवरी में 40.77 फीसद थी। प्याज की महंगाई थमी है, जबकि आलू के दाम बढ़े हैं।

दलहन की महंगाई दर नकारात्मक बनी हुई है। फरवरी में दलहन की महंगाई दर -24.51 फीसद रही। इसी तरह अनाज, गेहूं, अंडे, मछली और मीट जैसी प्रोटीन आधारित वस्तुओं की महंगाई दर भी नकारात्मक रही। ईंधन और बिजली समूह की महंगाई दर भी फरवरी में कम होकर 3.81 फीसद पर आ गई है, जबकि जनवरी में यह 4.08 फीसद थी। हालांकि विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर जनवरी के मुकाबले फरवरी में अधिक रही।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने दो दिन पहले ही खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए थे। फरवरी में खुदरा महंगाई दर घटकर 4.44 फीसद रह गई है, जो चार माह में न्यूनतम है। सूत्रों का कहना है कि फरवरी में भले ही थोक महंगाई दर में गिरावट आई हो लेकिन सरकार को आपूर्ति सुधारने के उपायों पर फोकस जारी रखना होगा। आम तौर पर फरवरी के महीने में खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति बेहतर होती है, जिससे महंगाई दर काबू में रहती है लेकिन आने वाले महीनों में सरकार को आपूर्ति पक्ष की स्थिति सुधारने के उपाय करने होंगे।