नई दिल्ली। दिसंबर, 2018 में थोक भाव के हिसाब से महंगाई दर घटकर 3.80 प्रतिशत रह गई, जो पिछले 8 महीनों का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले पिछले साल अप्रैल में थोक की महंगाई दर 3.62 प्रतिशत थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की तरफ से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक मुख्य रूप से ईंधन और खाने-पीने की कुछ चीजों की कीमतें घटने के कारण थोक भाव की महंगाई घटी है।

नवंबर में थोक महंगाई दर 4.64 प्रतिशत थी। हालांकि दिसंबर, 2017 के मुकाबले दिसंबर, 2018 में थोक महंगाई का आंकड़ा थोड़ा ज्यादा रहा। दिसंबर 2017 में थोक भाव की महंगाई दर 3.58 प्रतिशत थी।

दिसंबर, 2018 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की थोक महंगाई दर 3.59 प्रतिशत और माह-दर-माह आधार पर खाद्य महंगाई दर (-)0.07 प्रतिशत रही। इसके अलावा ईंधन और बिजली के मामले में थोक महंगाई दर घटकर 8.38 प्रतिशत रह गई, जो पिछले महीने 16.28 प्रतिशत थी।

ईंधन की महंगाई कम होने की सबसे बड़ी वजह पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटना है। महंगाई में लगातार आई कमी के बाद अगले महीने होने वाली मौद्रिक समीक्षा बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ब्याज दरों में कटौती को लेकर विचार कर सकता है।

ईंधन के मामले में बड़ी राहत

दिसंबर में पेट्रोल और डीजल की थोक महंगाई दर क्रमशः 1.57 प्रतिशत और 8.61 प्रतिशत रही। एलपीजी (रसोई गैस) के मामले में यह आंकड़ा 6.87 प्रतिशत रहा। लेकिन, प्राइमरी आर्टिकल्स की महंगाई दर बढ़कर 2.28 प्रतिशत हो गई, जो नवंबर में 0.88 प्रतिशत थी। गैर-खाद्य पदार्थों की थोक महंगाई दर पिछले महीने 4.45 प्रतिशत रही, जो नवंबर में 6.40 प्रतिशत थी।

थोक में आलू की महंगाई दर 48 प्रतिशत से ऊपर

दिसंबर में आलू की थोक महंगाई दर घटकर 48.68 प्रतिशत के स्तर पर आ गई, जो नवंबर में 86.45 प्रतिशत थी। दालों की महंगाई दर 2.11 प्रतिशत, अंडा, मीट और मछली की 4.55 प्रतिशत रही। हालांकि प्याज के मामले में थोक महंगाई बढ़कर 63.83 प्रतिशत हो गई, जो नवंबर में 47.60 प्रतिशत थी।