कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

नामांकन से लेकर चुनाव परिणाम घोषित होने तक निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने का कार्य रोक दिया है। इस बीच 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को मतदान करने का अवसर नहीं मिलेगा। ऐसे युवाओं को विधानसभा चुनाव के लिए पांच साल इंतजार करना होगा, लेकिन आगामी लोकसभा व स्थानीय चुनाव में मतदान की भागीदारी निभा सकेंगे।

निर्वाचन अधिसूचना जारी होने के बाद जिन युवाओं की आयु 18 वर्ष हुई है, उनका नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाएगा। जिला निर्वाचन ने आचार संहिता जारी रहने तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने के क्रम में विराम लगा दिया है। इसके पहले आचार संहिता लागू होने से चुनाव अधिसूचना जारी होने तक मतदाताओं के नाम जोड़ने का क्रम जारी रहा। पक्ष में मतदान करने वाले युवाओं को लेकर प्रत्याशियों व समर्थकों के आने का क्रम निर्वाचन कार्यालय में जारी रहा। चुनाव प्रभावित होने की संभावना से निर्वाचन विभाग की ओर से नियमतः नाम जोड़ने का कार्य बंद करा दिया जाता है। अधिसूचना जारी होने से नामांकन तिथि तक जिले के चारों विधानसभा में 1513 नए युवा मतदाताओं का नाम जोड़ा जा चुका है। नाम जुड़वाने वाले प्रत्याशियों में ज्यादातर कॉलेज में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राएं हैं। शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण अंचलों में कॉलेज खुलने के बाद शिक्षा का विस्तार हुआ है। इसका सीधा असर महिला मतदाताओं पर हुआ है। इसके अलावा निर्वाचन विभाग की ओर से कॉलेज में चलाए गए स्वीप प्लान का असर शामिल है। अधिसूचना के बाद जिन युवाओं ने 18 की आयु पार कर ली है, उन्हें भले ही विधानसभा चुनाव के लिए पांच साल इंताजार करना पड़े, किंतु आगामी लोकसभा व स्थानीय चुनाव में अंतिम मतदाता सूची जारी करने के पहले नाम जोड़ा जाएगा। जिन युवाओं ने अधिसूचना के पहले 18 वर्ष की आयु पार कर ली है व पहली बार मतदान करेंगे उनमें मतदान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। मतदाताओं की मानें तो आगामी पांच वर्ष के भीतर परिपक्व मतदाता बन चुके होंगे। युवा मतदाताओं की सहभागिता ही हार जीत के दायरा को तय करता है। इस आशय से प्रत्याशी अधिक से अधिक युवा मतदाताओं तक पहुंचने के कयास में लगे हुए हैं।