बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

विशेष न्यायाधीश(एट्रोसिटी) ने 11वीं की छात्रा से दुष्कर्म करने के चार आरोपी और उनकी मदद करने वाली युवती को कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपियों ने छात्रा से कई बार दुष्कर्म किया था।

मामले में विशेष न्यायाधीश(एट्रोसिटी) सुरेश कुमार सोनी की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी मोहम्मद लुकमान पिता मोहम्मद स्माइल व यशवंत ठाकुर पिता संतोष ठाकुर को दोषमुक्त किया है। वहीं विक्की उर्फ घनश्याम दास मानिकपुरी को धारा 366 में दो बार पांच-पांच वर्ष, धारा 506 में एक वर्ष, 365 में पांच वर्ष, 343 में एक वर्ष, एट्रोसिटी में दो वर्ष व पाक्सो एक्ट की धारा चार में 10 वर्ष की कैद और कुल 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपियों का सहयोग करने वाली युवती सोनम उर्फ ज्योति तिवारी को धारा 109 में दो बार सात-सात वर्ष कैद, धारा 506 में एक वर्ष, 365 में पांच वर्ष, 343 में एक वर्ष की कैद और 23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी सिद्घनाथ उर्फ टनटन को धारा 366 में पांच वर्ष, पाक्सो एक्ट की धारा चार में सात वर्ष कैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपी हिमांशु उर्फ छोटा मानिकपुरी, आशीष तिवारी उर्फ आशु तिवारी को पाक्सो एक्ट की धारा चार में सात-सात वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपियों द्वारा अर्थदंड राशि का भुगतान करने पर 50 हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति राशि के रूप में दिलाने का आदेश दिया है।

क्या है मामला

छात्रा के परिचित विक्की उर्फ घनश्याम दास मानिकपुरी ने 2015 को तीजा पर्व के दिन घूमने के लिए बुलाया। उसे मस्तूरी ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद छात्रा की सोनम उर्फ ज्योति तिवारी पिता परमेश्वर तिवारी से मुलकात हुई। युवती छात्रा को बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म करवाती थी। छात्रा से अगस्त 2015 से फरवरी 2016 के मध्य कई बार दुष्कर्म किया गया। 13 फरवरी 2016 को आरोपियों ने छात्रा को अपने साथ चलने के लिए धमकी दे रहे थे। छात्रावास अधीक्षिका ने इसके सिविल लाइन थाने में शिकायत की। तब मामला सामने आया।