0 कलेक्टर से श्रम निरीक्षक की शिकायत, एसडीएम को जांच के आदेश

कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

आदर्श आचार संहिता का पालन करने प्रशासन की ओर से जहां प्रत्याशियों व आम लोगों की ओर से लगातार गुजारिश की जा रही, वहीं एक सरकारी अफसर पर ही उल्लंघन करने का सनसनीखेज आरोप लगाया गया है। पाली व कटघोरा से कलेक्टर तक पहुंची यह शिकायत श्रम कार्यालय में पदस्थ एक वरिष्ठ श्रम निरीक्षक के खिलाफ की गई है। आरोप लगाया गया है कि श्रम निरीक्षक केवल एक ही व्यक्ति का श्रम कार्ड स्वीकृत कर रहे, जबकि आचार संहिता का हवाला देकर दूसरों के आवेदन की स्वीकृति से इनकार किया जा रहा। इस मामले में प्रभारी अधिकारी शिकायत शाखा (निर्वाचन) एवं डिप्टी कलेक्टर ने कोरबा एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं।

पाली निवासी रूपेश कुमार कंवर व कटघोरा में रहने वाले मनीष कुमार अनंत ने यह शिकायत लिखित में दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि श्रम कार्यालय में एक श्रम निरीक्षक आस्था चॉइस सेंटर के आवेदन स्वीकृत कर श्रम कार्ड जारी कर रहे। आचार संहिता लागू होने के बाद भी वे इस संस्था के लिए निरंतर कार्ड जारी कर रहे। अन्य की ओर से प्रस्तुत किए गए आवेदन वे यह कहकर स्वीकृत नहीं कर रहे, कि वर्तमान में आचार संहिता लागू होने के कारण ऐसा नहीं किया जा सकता। इस तरह वे एक ही व्यक्ति व संस्था को लाभ पहुंचाते हुए नियम-कायदों को अंगूठा दिखा रहे हैं। इस मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है। आवेदकों ने इस विषय पर गंभीरता से जांच की मांग करते हुए अनुचित कार्य में जुटे शासकीय कर्मी पर कठोर संवैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि कोई अन्य शासकीय सेवक ऐसी चेष्टा न करे। शिकायत शाखा ने अनुविभागीय अधिकारी कोरबा को इस शिकायत के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई कर जांच प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत करने कहा है।

मौखिक शिकायत पर सहायक श्रमायुक्त मौन

इस शिकायत में सहायक श्रमायुक्त पर भी मौन रहकर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया गया है। शिकायत पत्र के अनुसार आवेदकों की ओर से पूर्व में कई बार सहायक श्रमायुक्त के समक्ष मौखिक रूप से शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। बावजूद इसके, उन्होंने मामले पर गंभीरता दिखाते हुए समुचित कदम उठाने की बजाय चुप्पी साध ली। मौखिक शिकायत के बाद भी इस तरह अंजान बने रहने की वजह से उनकी कार्यप्रणाली पर भी शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। प्रार्थियों ने शिकायत पर त्वरित जांच शुरू करते हुए अनुचित प्रक्रिया को रोकने की मांग की है।

सेंटर के पास अफसर की आइडी-पासवर्ड

पाली निवासी रूपेश कुमार कंवर ने अपने शिकायत में यह भी लिखा है कि श्रम निरीक्षक की आइडी व पासवर्ड भी संबंधित चॉइस सेंटर के पास होने की संभावना हो सकती है। संभवतः यही वजह है जो आस्था चॉइस सेंटर के कार्ड श्रम निरीक्षक की आइडी से ही स्वीकृत होते रहे। यह भी कहा गया है कि 15 से 30 दिन के भीतर 1500 से ढाई हजार कार्ड स्वीकृत हुए हैं, जबकि दफ्तर में व्यस्तता के बीच इतनी संख्या में कार्ड स्वीकृत कर पाना संभव नहीं। शिकायत में कहा गया है कि आइपी एड्रेस के माध्यम से यह स्पष्ट हो जाएगा कि किसके नेट आइडी से यह कार्य कौन करता रहा है।

छह से दस अक्टूबर के बीच जारी हुए कार्ड

कटघोरा के मनीष कुमार अनंत ने अपनी शिकायत में यह भी लिखा है कि श्रम निरीक्षक ने नियम दरकिनार कर केवल एक संस्था को लाभ पहुंचाने छह से दस अक्टूबर के बीच अपनी ही आइडी से श्रम कार्ड जारी किया। इसका प्रमाण भी शिकायत के साथ संलग्न करने की बात कही गई है। गौर करने वाली बात यह है कि छह अक्टूबर को ही आचार संहिता लागू हुई थी। पांच नवंबर को शिकायत कलेक्टर से की गई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए प्रभारी अधिकारी शिकायत शाखा (निर्वाचन) एवं डिप्टी कलेक्टर ने आठ नवंबर को एक पत्र जारी कर कोरबा एसडीएम व सहायक श्रमायुक्त को जांच के आदेश दिए हैं, पर कोई समयावधि निर्धारित नहीं की गई है।