बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

नईदुनिया के 'आधा गिलास पानी' अभियान को शहर में भारी जनसमर्थन मिल रहा है। गुरुवार को हेमूनगर के बच्चों ने गली में 25 फीट की रंगोली बनाकर आधा गिलास पानी का महत्व समझाया। पानी के बूंद से भविष्य के जल संकट को दिखाया। रंगोली के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को जगाने की कोशिश की गई।

नईदुनिया के अभियान से प्रेरित होकर हेमूनगर वार्ड नंबर 42 के बच्चों ने हिंदुस्तान टेंट हाउस गली में 25 फीट की वृहद रंगोली बनाई। यह देखने में जितना आकर्षक था उतना लोगों को सोचने पर भी मजबूर कर रहा था। जल संरक्षण पर लोगों को जागरूक करते हुए आधा गिलास पानी का महत्व समझाने का प्रयास किया गया। रंगोली के बीच में पानी के बूंद से भविष्य में आने वाले संकट से भी रूबरू कराया। हिंमागी हालदर, क्रिस्टी जार्ज एंथोनी, मोहम्मद समीर, अक्स दयाल, सेंड्रा एंथोनी, करीना साहू, राधिका निषाद, लक्की साहू, राहूल साहू ने शिक्षक पानू हलदर की मदद से इसे तैयार किया। बच्चों ने यह भी कहा कि जल संकट निरंतर गहराता जा रहा है शहरवासी अभी नहीं जागे तो बड़ी देर हो जाएगी। जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसी तरह शहर के अन्य जगहों में भी शिक्षाविदों, व्यापारी, छात्र नेता, कॉलेज स्टूडेंट्स और नेताओं ने भी बढ़ चढ़कर अभियान में हिस्सा लिया और जल संरक्षण का संकल्प लिया।

बीयू के प्रोफेसरों ने लिया संकल्प

बिलासपुर यूनिवर्सिटी यूटीडी के प्रोफेसरों ने भी नईदुनिया के अभियान की सराहना करते हुए जल बचाने संकल्प लिया। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी प्रो.गौरव साहू ने कहा कि पानी बचाने की आदत बचपन से बच्चों में डालना चाहिए। जिससे समाज को फायदा होगा। भविष्य में इसका सकारात्मक असर दिखेगा। इसके अलावा प्रत्येक नागरिक को भी चाहिए कि वे जल को व्यर्थ ना गंवाए। इस अवसर पर प्रो.सौमित्र तिवारी,डॉ.पूजा पांडेय,इंजी.यशवंत कुमार, सुमोना भट्टाचार्य एवं छात्र भी उपस्थित थे।

शावर की जगह बल्टी से नहाएं

बीयू परीक्षा विभाग के कर्मचारियों ने भी अभियान का स्वागत किया है। संकल्प लेते हुए कहा कि सदा हमें समझाए नानी,नहीं व्यर्थ बहाओ पानी । परीक्षा प्रभारी प्रदीप सिंह, लक्ष्मण दास पनिका, मीनू कुर्रे, सुशिला, पारस दास, गोपाल नेताम, कन्हैय्या राइदास, सुखनाथ यादव एवं सुनील श्रीवास ने कहा कि जितना हो सके उतना हमे बरसात के पानी को एकत्रित करना चाहिए। नल को खुला नहीं छोड़ना चाहिए। आप जब भी ब्रश करें, दाढ़ी बनाएं, सिंक में बर्तन धोएं, तो जरूरत न होने पर नल बंद रखें, बेकार का पानी न बहाएं। ऐसा करने से हम 6 लीटर हर एक सप्ताह में पानी बचा सकते है। नहाते समय भी बाल्टी से पानी को व्यर्थ ना बहाएं। नहाने के लिए शावर की जगह बाल्टी का उपयोग करें। अगर शावर उपयोग भी करें तो छोटे वाल लगाएं। जिससे पानी की कम खपत हो। शावर का उपयोग न करके हम 40-45 लीटर पानी हर 1 सप्ताह में बचा सकते है।