0 विशेष न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला

आरागाही/रामानुजगंज । नईदुनिया न्यूज

आदिवासी के घर घुसकर परिवार के सदस्यों से गाली-गलौज कर मारपीट के मामले में विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटिज अशोक कुमार लूनिया की अदालत ने तीन आरोपियों को एक-एक वर्ष कठोर कारावास व अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। विशेष न्यायाधीश ने निर्णय की प्रतिलिपि कलेक्टर व एसपी बलरामपुर को प्रेषित करने का आदेश जारी किया कि दोनों अधिकारी यह जांच करेंगे कि आरोपियों द्वारा पीड़ित के स्वामित्व की जमीन पर किसी प्रकार का अवैध उत्खनन तो नहीं किया गया है। यदि उनके द्वारा अवैध उत्खनन किया गया है तो आरोपितों से नियमानुसार कार्रवाई कर शासन की क्षति की राशि वसूल करने का भी आदेश दिया।

राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लाउ निवासी रामचंद्र उरांव ने राजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव में उसके पिता के नाम पर पट्टे की भूमि खसरा नंबर 4/93 रकबा 3.036 हेक्टेयर है। राजपुर निवासी आरोपी विनोद अग्रवाल ने उससे पांच वर्ष के लिए उक्त भूमि को पत्थर उत्खनन के लिए लिया था। घटना दिवस 23 जनवरी 2017 की सुबह 11 बजे प्रार्थी रामचंद्र उरांव पत्नी, मां, भाई व बहू के साथ विनोद अग्रवाल के पास गए थे। उन्होंने उक्त भूमि से पत्थर निकालने मना किया था। इसके बाद विनोद अग्रवाल ने उनसे झगड़ा किया था। कुछ समय बाद आरोपी विनोद अग्रवाल अपने साथ राजपुर के अनिरुद्घ पाण्डेय 46 वर्ष व मुंशी हीरालाल जायसवाल को साथ लेकर प्रार्थी के घर पहुंच गया। जातिगत गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट की। रिपोर्ट पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आइपीसी की धारा 294, 506, 323, 451, 427/34 तथा अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्घ किया था। मामले की जांच में पता चला था कि आरोपियों ने भादवि की धारा 294, 323/34, 506, 452, 427 एवं अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण की धारा 3(1-द), 3(1-ध) एवं 3(2)(5)(क) के अंतर्गत अपराध कारित किया है। प्रकरण के सारे तथ्यों की सुनवाई व पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटिज अशोक कुमार लूनिया की अदालत ने आरोपी विनोद अग्रवाल, हीरालाल जायसवाल व अनिरुद्घ पाण्डेय को आइपीसी की धारा 452 के तहत छह-छह माह का कठोर कारावास व 100-100 रुपये अर्थदंड, भादवि की धारा 294 में तीन-तीन माह कठोर कारावास व 100-100 रुपये अर्थदंड, भादवि की धारा 506 के तहत तीन-तीन माह कठोर कारावास व 100-100 रुपये अर्थदंड, धारा 323 के तहत भी तीन-तीन माह कठोर कारावास व 100-100 रुपये अर्थदंड, भादवि की धारा 427 के तहत एक-एक वर्ष कठोर कारावास व 500-500 रुपये अर्थदंड, अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार अधिनियम की धाराओं में भी अधिकतम एक-एक वर्ष का कठोर कारावास व 100-100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

कलेक्टर, एसपी से जांच कराने आदेश

विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटिज अशोक कुमार लूनिया ने निर्णय की प्रतिलिपि कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को इस निर्देश के साथ प्रेषित किए जाने का आदेश दिया है कि वे यह जांच करेंगे कि आरोपियों द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रार्थी या प्रार्थी के स्वामित्व की जमीन पर किसी प्रकार का अवैध उत्खनन तो नहीं किया गया है। यदि उनके द्वारा अवैध उत्खनन किया गया है, तब आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शासन की क्षति राशि वसूल किए जाने का भी आदेश दिया गया है।