बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग को लू की चपेट में आने वालों के उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। अलर्ट के बाद तहसील व ब्लाक स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। इनका मोबाइल नंबर तत्काल राहत आयुक्त कार्यालय में उपलब्ध कराया जाए। साथ ही भीषण गर्मी और लू से बचाव की उपायों का प्रसार-प्रचार करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर संजय अलंग ने दो दिनों के भीतर इन निर्देश पर अमल करने को कहा है।

ये हैं लक्षण

लू लगने पर सिर पर भारीपन के साथ दर्द होता है। तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर, उल्टी, कमजोरी के साथ पूरे शरीर में दर्द होता है। इसके अलावा शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीना आना, अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना, भूख कम लगना और बेहोश होना प्रमुख लक्षण हैं।

इस तरह करें उपचार

लू की स्थिति में पीड़ित के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी लगानी चाहिए। पानी व पेय पदार्थ जैसे आम का पना, जलजीरा आदि देना चाहिए। पीड़ित को पंखे के नीचे हवा में लिटाकर ठंडे पानी का छिड़काव करना चाहिए। लू की चपेट में आए व्यक्ति को शीघ्र ही अस्पताल में इलाज के लिए ले जाएं। मितानिन से संपर्क कर ओआरएस पैकेट लेना चाहिए।

इस वजह से लगती है लू

तेज धूप में महज 10 मिनट तक रहने पर भी लू लग जाती है। शरीर में नमक की कमी होने पर लू के लक्षण दिखने लगते हैं। इसलिए इससे बचने की कोशिश करना बहुत जरूरी है। तेज धूप में बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। इससे पहले सिर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। पानी का अधिक मात्रा में सेवन करें। नरम मुलायम सूती कपड़े पहनें। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस घोल का सेवन करें। चक्कर या मितली आने पर छायादार स्थान पर आराम करें।