अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के चंदौरा थाने में ससुराल पक्ष के लोगों की शिकायत पर हिरासत में लिए गए युवक की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के पिता जयनाथ सारथी का कहना है कि यह सामान्य फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने का मामला नहीं है ।संदिग्ध परिस्थितियों में शव के फांसी पर लटके होने तथा शरीर के कई हिस्से में चोट के निशान से उन्हें संदेह है कि पिटाई से उसकी हत्या की गई और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया गया।

चंदौरा थाने में कोदौरा निवासी कृष्णा सारथी 30 वर्ष द्वारा फांसी लगा लेने के मामले में पुलिस अब सवालों के घेरे में आ गई है। मृतक के पिता ने बताया कि उसकी बहू ,बच्चों के साथ मायके में ही रहती थी। बेटे का अक्सर आना-जाना रहता था ।फोन से दोनों के बीच बातचीत भी होती थी ।बहू के बुलावे पर बेटा अक्सर वहां जाया करता था

मंगलवार को भी फोन आने के बाद कृष्णा घर से निकला था । बुधवार की दोपहर चंदौरा पुलिस थाने से उसे फोन कर सूचना दी गई कि उसके बेटे ने थाने के लॉकअप में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है ।

मृतक के पिता का कहना है कि जब वह थाने पहुंचा तो शव को देख उन्हें संदेह हुआ। बेटे का दोनों पैर जमीन पर टिका हुआ था ।शरीर में कई स्थान पर चोट के भी निशान थे जो पंचनामा के दौरान भी नजर आए हैं ।

उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह चंदौरा पुलिस की टीम आई थी और उसके बेटे को मारते पीटते हुए उठाकर ले गई उसके बेटे ने छोड़ देने का आग्रह भी किया था। उसका कहना था कि पारिवारिक कामकाज के सिलसिले में उसे अंबिकापुर जाना है लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी नहीं सुनी और बलपूर्वक बैठा कर अपने साथ ले गए ।

पिता के आरोप के बीच पुलिस ने इसे खुदकुशी का मामला बताया है। गुरुवार को प्रतापपुर में तीन चिकित्सकों की टीम ने मृतक का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद मृतक के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।