अंबिकापुर। बीते आठ फरवरी को बौरीपारा रोड में अलका इंडस्ट्री के पास से स्कूल जाने के लिए निकली कथित अपहृत किशोरी को कोतवाली पुलिस ने प्रतापपुर क्षेत्र से बरामद कर लिया है। मामले में अपहरण, अनाचार और पॉक्सो एक्ट का मामला कायम किया गया है। आरोपित स्कूटी सवार किशोर पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।

मामले में एक नाबालिक किशोरी सहित तीन सहयोगियों को पुलिस गिरफ्तार ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया,जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस विवेचना में कुछ अन्य सहयोगी अभियुक्तों के सामने आने की संभावना है।

जानकारी के अनुसार नगर के शासकीय कन्या हाइस्कूल में अध्ययनरत 17 वर्षीय छात्रा 8 फरवरी, शुक्रवार को दिन में लगभग 11 बजे स्कूल जाने के लिए अपनी चचेरी बहन के साथ पैदल निकली थी। रामानुजगंज रोड की ओर से कन्या विद्यालय आ रही किशोरी का कथित रूप से बौरीपारा में अलका इंडस्ट्री के पास स्कूटी सवार दो लड़कों ने अपहरण किया था और उसे जबरन बैठाकर अपने साथ ले गए।

परिजनों ने पुलिस को बताया था कि इसके बाद किशोरी की चचेरी बहन स्कूल चली गई थी और अपने भाई को घटना की जानकारी दी थी। स्कूल से घर वापस लौटने पर चचेरे भाई ने अनजान स्कूटी सवार के द्वारा अपहरण की जानकारी दी, इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई और पुलिस को घटनाक्रम से अवगत कराया गया।

कोतवाली टीआई विनय सिंह बघेल ने बताया कि घटनास्थल जिस जगह बताया गया था,वहां रहवासी मकानों के साथ इंडस्ट्री है व नाली निर्माण का कार्य चल रहा है,जहां घटना दिवस मजदूर काम कर रहे थे। ऐसे में पुलिस को अपहरण की बात नहीं पच रही थी। परिजनों के द्वारा मामला किशोरी के अपहरण से जुड़ा बताने पर धारा 363 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच की जा रही थी।

घटना से जुड़े तथ्यों की तस्दीक कर रही पुलिस जब संदेही के एक-एक रिश्तेदार को खंगालते झारखंड, गुमला तक पहुंची तो आरोपित के एक खाला का प्रेमविवाह प्रतापपुर में होने की जानकारी मिली। आरोपित के द्वारा मोबाइल बंद कर देने से पुलिस को पूर्व में मिला कुसमी, जशपुर का लोकेशन गुमराह करने वाला था।

11 फरवरी को किशोरी को गुमला से लगे सिसई सरदार मोहल्ला से प्रतापपुर में रहने वाले रिश्तेदार के यहां ले जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस कदमपारा प्रतापपुर निवासी ओमप्रकाश अग्रवाल परिवार के घर दबिश दी तो उसकी पत्नी गीता अग्रवाल और एक किशोरी के साथ अपहृत किशोरी को लेकर आने की जानकारी मिली।

देर शाम किशोरी व उसे गलत तरीके से अपने संरक्षण में रखने वाली महिला व एक नाबालिग लड़की को पुलिस अंबिकापुर लेकर आई। बुधवार को पुलिस ने सिसई सरदार गली निवासी शाकिब अंसारी पिता सुबराती अंसारी 57, गीता अग्रवाल को न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल करा दिया है।

चार टीमों का किया गया था गठन-

दिनदहाड़े छात्रा के अपहरण का मामला सामने आने के बाद आईजी हिमांशु गुप्ता व पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार के निर्देश पर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमों का गठन किया गया था। एक टीम का नेतृत्व स्वयं कोतवाली टीआई विनय सिंह बघेल कर रहे थे।

इसके अलावा एएसआई अजीत मिश्रा, अनिता आयाम व परशुराम पैकरा के साथ साइबर और कोतवाली पुलिस की टीमें आरोपितों के साथ किशोरी की तलाश में लगी थी। दो टीम सरगुजा, बलरामपुर व सूरजपुर के अलावा सरहद पार तक दौड़धूप करने में लगी थी। दो टीमों को स्थानीय स्तर पर सतत्‌ निगरानी रखने कहा गया था।