अंबिकापुर। रामानुजगंज - वाड्रफनगर रोड पर स्थित ग्राम लुर्गी, कनकपुर के जंगलों में लकड़ी तस्कर हरे भरे साल के वृक्षों को दिनदहाड़े काट रहे हैं। ग्राम चिनिया से होते हुए झारखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में गोला और पटरा की बिक्री की जा रही है।

प्रतिदिन पेड़ काटे जाने के बाद भी वन विभाग को खबर तक नहीं है। गांव के लोग चिंतित हैं कि जिस तरह से पेड़ों की कटाई की जा रही है ऐसी स्थिति में कुछ दिनों में ही पूरा जंगल साफ हो जाएगा।

रामानुजगंज वाड्रफनगर मार्ग पर स्थित शहर से सिर्फ 5 किलोमीटर दूरी पर ग्राम लुर्गी और कनकपुर स्थित है। यहां वन विभाग के द्वारा कई दशक पूर्व सैकड़ों एकड़ में साल प्रजाति का पौधा लगवाया था जिसके बाद कई हजार साल के पौधा विशाल पेड़ के रूप ले लिया है परंतु इन पेड़ों पर तस्करों की नजर पड़ जाने से कई सालों से पेड़ को नष्ट किया जा रहा है ।

स्थिति यह बन चुकी है कि लूर्गी और कनकपुर के जंगलों में हरे भरे पेड़ की कटाई कर उसका गोला बना और पटना बनाकर ग्राम चीनिया से होते हुए झारखंड ले जा रहे हैं। वही शहर एवं अन्य जगहों पर भी बिक्री की जा रही है। ग्राम लुर्गी और कनकपुर के ग्रामीण दहशत में है क्योंकि यह लोग विरोध करते हैं तो तस्कर इन्हें छोड़ेंगे नहीं और मारपीट भी कर सकते हैं ।

कई ग्रामीण नाम ना छापने की शर्त पर बताते हैं कि शाम होते ही तस्कर आरी, ब्लेड और ऑटोमेटिक मशीन लेकर जंगल की ओर जाते हुए देखे जाते हैं परंतु हम लोग इसका विरोध नहीं कर सकते हैं क्योंकि हमें तो गांव में ही रहना है। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी वन विभाग को नहीं है परंतु कहीं ना कहीं यह लोग भी तस्करों से डरते हैं या फिर सेटिंग के अनुसार जंगलों की कटाई कराई जा रही है।

होगी कार्यवाही -ध्रुव

इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी योमन लाल ध्रुव ने कहा कि तस्करों के द्वारा ग्राम लुर्गी और कनकपुर में वृक्ष काटे जाने की खबर नहीं है ।अगर ऐसी बात है तो तत्काल कर्मचारियों को भेजकर इस संबंध में जानकारी एकत्र करता हूं। इनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।