अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु गौर बायसन विलुप्ति की कगार पर है। राज्य के सरगुजा-बलरामपुर जिले में स्थित तमोर पिंगला अभ्यारण्य में इन दिनों गौर बायसन का एक छोटा झुंड नजर आया है। इस झुंड में दो-तीन गौर बायसन नजर आए हैं। इस झुंड की तस्वीरें सामने आने के बाद वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। इस संकटग्रस्त प्रजाति के झुंड के यहां नजर आने से इनके संरक्षण और संवर्धन को बढ़ाने की दिशा में एक नई उम्मीद नजर आई है।

लगभग 600 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले तमोर पिंगला अभ्यारण क्षेत्र में गौर नजर आने पर अभ्यारण प्रबंधन में उत्साह है। जंगल भ्रमण के दौरान वन विभाग के मैदानी कर्मचारी ने ही मोबाइल से गौर की यह तस्वीर ली है। तमोर पिंगला अभयारण्य क्षेत्र में तेंदुआ, नीलगाय, चीतल, भालू, कोटरी, लोमड़ी जैसे वन्य प्राणी अक्सर नजर आते हैं, लेकिन गौर लंबे समय बाद दिखा है।

पर्यटन सुविधाओं का अभाव होने के कारण इस अभ्यारण क्षेत्र में बाहरी लोगों का आना जाना अभी कम है। हाथियों का बड़ा दल तमोर पिंगला अभयारण्य क्षेत्र को अपना स्थाई रूप से डेरा बनाए हुए हैं। धीरे-धीरे यहां भी सुविधा विस्तार की कोशिश की जा रही है। बता दें कि राज्य में इस संगटग्रस्त शुद्ध प्रजाति के सिर्फ तीन गौर बायसन थे, जिनमें से पिछले दिनों एक की मौत हो गई थी।